लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मैं उनसे पूछता हूँ क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? अगर किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके लिए अदालतें बनाई गई हैं; विधानसभाएँ, ज़िला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। मैं यह कहना चाहता हूँ कि वह दौर अब खत्म हो चुका है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है; वह सभी शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है और उन्हें सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।"