असम में इतिहास रचा गया: नेशनल हाईवे पर उतरा PM मोदी का विमान, जानिए क्या है ELF और इसके लाभ?

Published : Feb 14, 2026, 11:49 AM IST

Assam Emergency Landing Facility: असम के डिब्रूगढ़ में मोरन बाईपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी पर पीएम मोदी के विमान की ऐतिहासिक लैंडिंग हुई। हाईवे रनवे अब वायुसेना के रणनीतिक नेटवर्क का हिस्सा बन गया है।

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Assam Emergency Landing Facility: पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा और रणनीति के लिहाज़ से एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाला पल देखने को मिला। असम के डिब्रूगढ़ जिले में मोरन बाईपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर पहली बार किसी प्रधानमंत्री का विमान उतरा। इस ऐतिहासिक लैंडिंग के साथ ही यह हाईवे पट्टी सीधे भारत के सामरिक रक्षा नेटवर्क का हिस्सा बन गई। इस मौके पर नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद थे और उन्होंने भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से यहां लैंडिंग की। यह सुविधा पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली है, जिसने देश की आपात और युद्ध तैयारियों को नई मजबूती दी है।

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आखिर क्या है Emergency Landing Facility (ELF)?

ELF यानी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी दरअसल एक ऐसी खास हवाई पट्टी होती है, जो नेशनल हाईवे पर बनाई जाती है। युद्ध, प्राकृतिक आपदा या किसी भी आपात स्थिति में यहां से फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर लैंड या टेक-ऑफ कर सकते हैं। यह सुविधा 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन तक के भारी परिवहन विमानों को संभालने में सक्षम है।

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पीएम मोदी की यह लैंडिंग इतनी खास क्यों मानी जा रही है?

यह पहली बार हुआ जब किसी नेशनल हाईवे पर प्रधानमंत्री के विमान की औपचारिक लैंडिंग कराई गई। पीएम मोदी C-130J Super Hercules विमान से ELF पर उतरे। इस लैंडिंग ने साफ संदेश दिया कि भारत अब किसी भी आपात स्थिति में हवाई ताकत को तुरंत ज़मीन पर उतारने में सक्षम है।

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सुखोई की उड़ान ने क्या संकेत दिया?

पीएम मोदी की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना के Su-30MKI ने इसी हाईवे रनवे से उड़ान भरी। यह दृश्य सिर्फ एक एयर शो नहीं था, बल्कि यह भारत की सैन्य तत्परता और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का सीधा प्रदर्शन था।

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असम के लिए यह सुविधा इतनी अहम क्यों है?

असम चीन सीमा के बेहद करीब स्थित है। ऐसे में यहां ELF का होना सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी तनाव या आपात हालात में यह हाईवे रनवे सेना और वायुसेना को तेज़ प्रतिक्रिया देने में मदद करेगा।

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देश में और कहां-कहां हैं ऐसी सुविधाएं?

भारत में कुल 28 ELF बनाने की योजना है। फिलहाल यह सुविधाएं इन जगहों पर मौजूद हैं:

  • राजस्थान: बाड़मेर (NH-925A)
  • उत्तर प्रदेश: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
  • ओडिशा: बालासोर (NH-16)
  • आंध्र प्रदेश: नेल्लोर (NH-16)
  • पूर्वोत्तर में असम पहला राज्य बना, जहां यह सुविधा शुरू हुई।

क्या यह भविष्य की युद्ध तैयारी का संकेत है?

डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर बनी ELF सिर्फ एक हवाई पट्टी नहीं, बल्कि यह भारत की बदलती रक्षा रणनीति का साफ संकेत है। पीएम मोदी की यह ऐतिहासिक लैंडिंग बताती है कि आने वाले समय में भारत हाईवे से भी आसमान की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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