Atmanirbhar UP: बुंदेलखंड में महिला उद्यमिता की नई कहानी, झांसी की प्रवेश कुमारी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

Published : Jan 13, 2026, 11:38 PM IST
bundelkhand women entrepreneur success story

सार

झांसी की प्रवेश कुमारी ने सौर ऊर्जा से संचालित पशु चारा यूनिट स्थापित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। इससे उन्हें आय के साथ-साथ गांव की महिलाओं को रोजगार मिला और पशुपालकों को सस्ता, पोषक चारा उपलब्ध हुआ।

लखनऊ। बुंदेलखंड की धरती अब केवल शौर्य और इतिहास के लिए नहीं, बल्कि महिला उद्यमिता के लिए भी पहचानी जा रही है। झांसी की प्रवेश कुमारी ने पशु चारा निर्माण यूनिट स्थापित कर वह मुकाम हासिल किया है, जो आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करते हुए प्रवेश कुमारी ने सौर ऊर्जा आधारित उच्च गुणवत्ता वाली पशु चारा यूनिट शुरू की। इस पहल से वे न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने में सफल रहीं।

सौर ऊर्जा से संचालित ईको-फ्रेंडली चारा यूनिट

इस यूनिट की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) होना है। योगी सरकार और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स (DA) के सहयोग से स्थापित यह यूनिट पूरी तरह 18 kW सोलर पावर सिस्टम पर संचालित होती है।

सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली का खर्च लगभग शून्य हो गया है, जिससे चारे की उत्पादन लागत कम रहती है। इसका सीधा लाभ स्थानीय पशुपालकों को मिल रहा है, जिन्हें सस्ता और पोषक पशु चारा उपलब्ध हो रहा है। इससे पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और दूध उत्पादन क्षमता भी बढ़ी है।

स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता

इस उद्यम के माध्यम से प्रवेश कुमारी आज लगभग 25,000 रुपये प्रति माह की आय अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही उनके स्टार्टअप ने गांव की सामाजिक और आर्थिक संरचना में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। यूनिट से जुड़कर गांव की कई महिलाओं को स्थायी रोजगार और नियमित आय मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभा पा रही हैं।

उत्पादन से लेकर गुणवत्ता नियंत्रण तक पूरी जिम्मेदारी

इस यूनिट में आधुनिक मशीनों और मानकीकृत तकनीकों की मदद से उच्च गुणवत्ता वाला पशु चारा तैयार किया जाता है। स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन और आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। प्रवेश कुमारी केवल एक उद्यमी ही नहीं, बल्कि एक कुशल प्रबंधक भी हैं। वे कच्चे माल की खरीद, उत्पादन योजना, गुणवत्ता नियंत्रण, वित्तीय लेखा-जोखा और बिक्री तक की पूरी जिम्मेदारी स्वयं संभालती हैं। उनके अनुशासन और सक्रिय कार्यशैली के चलते उनके ब्रांड ‘गोमाता कैटल फीड’ को कई बार सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं।

छोटे प्रयास से सफल व्यवसाय तक का सफर

इस उद्यम की शुरुआत एक छोटे प्रयास के रूप में हुई थी। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (UPNRLM) और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के मार्गदर्शन ने इस पहल को एक सफल व्यवसाय का रूप दिया। आज गांव की महिलाएं मिलकर इस यूनिट में काम कर रही हैं और सामूहिक प्रयास से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।

शुरुआत छोटी थी, लेकिन सही मार्गदर्शन और मेहनत ने इसे एक मजबूत व्यवसाय बना दिया।

- प्रवेश कुमारी, महिला उद्यमी

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

संभल हिंसा में बड़ा मोड़! CO अनुज चौधरी पर FIR
योगी सरकार की पहल: बालिका विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा के बढ़ावे के लिए शुरू की टैबलेट वितरण योजना