Bengal Politics News : TMC में बगावत के बाद भी कौन खड़ा है ममता के साथ? ममता के मुश्किल वक्त में कौन बने सबसे बड़े सहारा? बागियों के बीच आखिर कौन हैं ममता के सबसे वफादार चेहरे? ममता के राजनीतिक किले में कौन बने आखिरी प्रहरी?
नई दिल्ली/कोलकाता. पश्चिम बंगाल में जारी सियासी भूचाल के बीच अब तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ चुकी है। एक के बाद एक लोकसभा और राज्यसभा सासंद टीएमसी और ममता का साथ छोड़कर जा रहे हैं। बागी सासंदों में क्रिकेटर से लेकर फिल्म स्टार तक शामिल हैं, जिन्होंने ममता दीदी का बुरे वक्त में अकेला छोड़कर केंद्र सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। लेकिन इसी बीच 8 ऐसे लोकसभा सांसद भी हैं जो मुश्किल घड़ी में भी ममता बनर्जी के साथ दीवार बनकर खड़े हैं। तो आइए जानते हैं कौन हैं वो वफादार एमपी...
मुश्किल वक्त में ममता के साथ ये 8 सांसद
अभिषेक बनर्जी
महुआ मोइत्रा
कल्याण बनर्जी
सौगत रॉय कीर्ति आजाद
सुदीप बंद्योपाध्याय
सजदा अहमद उलूबेरिया
प्रतिमा मंडल
टीएमसी के 19 बागी सांसदों की लिस्ट
काकोली घोष - (बारासात)
जगदीश चंद्र बसूनिया (कूच बिहार)
खलीलुर रहमान - (जांगीपुर)
युसूफ पठान - (बहरामपुर)
अबू ताहिर खान- (मुर्शिदाबाद
पार्थ भौमिक - (बैरकपुर)
बापी हलदर - (माथुरापुर)
सयानी घोष - (कोलकाता साउथ)
मिताली बेग - (आरामबाग)
दीपक अधिकारी - (घाटल)
कालिपदा सोरेन - (झाड़ग्राम)
जून मालिया - (मेदिनीपुर)
अरूप चक्रवर्ती - (बांकुरा)
डॉ. शर्मिला - सरकार (बर्धमान ईस्ट)
शत्रुघ्न सिन्हा - (आसनसोल)
आसित कुमार मल (- बोलपुर)
शताब्दी रॉय - (बीरभूम)
रचना बनर्गी - (हुगली) शामिल हैं।
ममता बनर्जी का सियासी आंकड़ा?
बता दें कि टीएमसी के पास 28 लोकसभा सांसद थे, लेकिन बागवत के बाद 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता दीदी के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं।
वहीं अगर उच्च सदन राज्यसभा की बात करें तो टीएमसी के 13 राज्यसभा हैं। जिसमें से बीते दिनों 3 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी अब टीएमसी के पास 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं।
अगर हम बात बंगाल विधानसभा की सीट की बात करें तो टीएमसी ने 2026 के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। लेकिन बीते दिनों 58 विधायक बागी होकर ममता बनर्जी का साथ छोड़कर अलग गुट बना चुके हैं। यानि अब ममता के पास सिर्फ22 विधायक ही रह गए हैं।
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