पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास सोमवार को हुए बड़े हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। हादसा होटल चलाने वालों की लापरवाही से हुआ। क्योंकि इतनी बड़ी बिल्डिंग बना दी, लेकिन आग से निपटने का कोई इंतजाम नहीं था। बस अंदर जाओ और मर जाओ…
बीरभूम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां तारापीठ में एक होटल में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, यह आग कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। घायलों को इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अफसर क्यों बोले-अंदर जाओ और मर जाओ
पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों से कहा, “यहां का सिस्टम पहले से ही चौपट था। TRDA (तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी) को पूरी तरह से बदल देना चाहिए। उन्होंने इतनी बड़ी बिल्डिंग बना दी, लेकिन आग से निपटने का कोई इंतजाम नहीं था। अंदर जाओ और मर जाओ... कई लोगों की मौत हो गई है।” मामले की अधिक जानकारी का इंतजार है।
होटल से सिर्फ धुआं और लपटें दिखीं
बीरभूम के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, विदित राज भुंदेश ने बताया कि बाहर से न तो धुआं दिख रहा था और न ही आग की लपटें। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "बाहर से न तो धुआं और न ही आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं; सीढ़ियों की मदद से 22 लोगों को बचाया गया और 11 अन्य को अस्पताल भेजा गया... इस घटना में 7 लोगों की जान चली गई है।"
होटल चलाने वालों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
भुंदेश ने आगे बताया, “एक फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम यहां आएगी। FIR दर्ज करने के बाद होटल चलाने वालों को हिरासत में ले लिया गया है; हम उनसे पूछताछ कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई और जांच कर रहे हैं।” इस घटना पर बीजेपी विधायक ध्रुब साहा ने अधिकारियों की आलोचना की और तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में बड़े बदलाव की मांग की।


