
बेंगलुरु का कुख्यात ट्रैफिक जाम और बारिश के बाद की परेशानी लोगों के लिए पहले से ही एक सिरदर्द है। अब इस लिस्ट में कैब कंपनियों की मनमानी भी जुड़ गई है। एक बार फिर ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों की सर्ज प्राइसिंग को लेकर बहस छिड़ गई है। ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला ने शहर के अंदर ही एक छोटी सी राइड के लिए बेतहाशा बढ़े हुए किराए का स्क्रीनशॉट X पर पोस्ट कर दिया।
निवेदिता नाम की एक X यूजर ने शिकायत की कि शाम के पीक आवर्स में बेंगलुरु में कोरमंगला से इंदिरानगर जाने के लिए उनसे 700 रुपये से ज़्यादा का किराया मांगा गया, जबकि यह दूरी 10 किलोमीटर से भी कम है।
इस पोस्ट के जवाब में, कई यूजर्स ने शहर की ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं की जमकर आलोचना की। एक यूजर ने कमेंट किया कि बेंगलुरु में कैब एग्रीगेटर्स अक्सर बहुत खराब सर्विस देते हैं। कुछ ड्राइवर बदतमीजी करते हैं, एयर कंडीशनिंग (AC) चलाने से मना कर देते हैं और सर्ज प्राइसिंग का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूलते हैं।
₹700+ as travel fare for Koramangala to Indiranagar at 7 PM is just daylight robbery
— Nivedita (@Nivivacious) May 29, 2026
दूसरे लोगों ने बेंगलुरु के ट्रांसपोर्ट खर्चों की तुलना दूसरे शहरों से की। एक यूजर ने बताया कि जहां बेंगलुरु में पीक आवर्स में कैब का किराया आसमान छू रहा है, वहीं वे अपने पूरे शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से मुफ्त में घूम सकते हैं।
इस बहस के बाद नियमों में बदलाव की मांग भी उठने लगी। कुछ यूजर्स ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों को डिमांड के हिसाब से किराया बदलने के बजाय प्रति किलोमीटर के हिसाब से फिक्स रेट लागू करना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर ड्राइवर बुकिंग लेने के बाद राइड कैंसिल करते हैं, तो यात्रियों को मुआवजा मिलना चाहिए।
कई लोगों ने बहुत ज़्यादा किराए के अपने अनुभव भी साझा किए। एक कस्टमर ने बताया कि उनसे रात 11.30 बजे उल्सूर से बाणसवाड़ी जाने के लिए 500 रुपये लिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी रात में भी सर्ज प्राइसिंग क्यों लागू थी।
हालांकि, हर कोई इस आलोचना से सहमत नहीं था। कुछ लोगों ने प्राइसिंग का बचाव करते हुए कहा कि जब टैक्सियों की सप्लाई से ज़्यादा डिमांड होगी, तो रेट बढ़ना तय है। एक यूजर ने इसे सप्लाई और डिमांड का सीधा मामला बताते हुए कहा कि राइडर्स के पास हमेशा इंतजार करने या किसी दूसरे ट्रांसपोर्ट का विकल्प चुनने का मौका होता है।
एक अन्य यूजर ने और भी सीधी बात कही। उनका तर्क था कि शुक्रवार की रात को रश आवर में सस्ते ट्रांसपोर्ट की उम्मीद करना ही गलत है। यूजर के मुताबिक, यात्री एक ही समय में तुरंत उपलब्धता, कम किराया और बेहतरीन सुविधा, तीनों चीजों की उम्मीद नहीं कर सकते।
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