
नई दिल्ली/पटना: NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब बिहार में बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का रूप ले चुका है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) आइसा (AISA) और वामपंथी छात्र संगठनों के समर्थन में बुलाए गए बिहार बंद के बीच पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में भारी पुलिस बल, ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त सुरक्षा कंपनियां और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति है, लेकिन हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर तत्काल कार्रवाई होगी। इस महाबंद को राष्ट्रीय जनता दल (RJD), वीआईपी और महागठबंधन के अन्य दलों का भी खुला समर्थन मिला है, जिसने प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी है।
बिहार बंद के आह्वान के बाद पटना, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, गोपालगंज, समस्तीपुर, दरभंगा और शिवहर समेत कई जिलों में पुलिस हाई अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि प्रमुख चौक-चौराहों पर लगातार गश्त की जा रही है। मोतिहारी में ड्रोन कैमरों से पूरे शहर की निगरानी की जा रही है। वहीं सीतामढ़ी में पुलिस हॉस्टलों तक पहुंचकर छात्रों से बातचीत कर रही है और उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सलाह दे रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि यदि किसी ने हिंसा फैलाने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
#WATCH | Bihar: Youth, under the aegis of AISA (All India Students' Association), block Samastipur-Patna main road as part of the call for statewide shutdown today over NEET paper leak issue and Police action during student protest in the state. They are also demanding the… pic.twitter.com/rshoGZT5Mq
— ANI (@ANI) July 25, 2026
बिहार बंदकी सुबह होने से ठीक पहले, पटना पुलिस ने एक बेहद गोपनीय और बड़ा एक्शन लिया। बीती देर रात भारी पुलिस बल ने माले विधायक संदीप सौरभ के आवास पर छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद के मुताबिक, 22 जुलाई को पटना में हुए हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ की अगुवाई करने के आरोप में विधायक संदीप सौरभ समेत आइसा के 5 बड़े नेताओं को दबोचा गया है। इन सभी को आनन-फानन में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का साफ कहना है कि पर्दे के पीछे से हिंसा भड़काने वाले चेहरों को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो फुटेज के आधार पर और भी गिरफ्तारियां होनी तय हैं।
इस आंदोलन का सबसे खौफनाक असर मुजफ्फरपुर में देखने को मिला है, जहां प्रशासन ने अफवाहों को रोकने के लिए शहरी इलाकों में इंटरनेट सेवाओं पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इतना ही नहीं, 24 प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है। मोतिहारी से लेकर गोपालगंज और सीतामढ़ी तक, हर संवेदनशील चौराहे पर सादे लिबास में पुलिसकर्मी तैनात हैं। मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने चेतावनी दी है कि कुछ यूट्यूबर और तथाकथित सामाजिक संगठन छात्रों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं, जिन पर पुलिस की आईटी सेल पैनी नजर रख रही है।
Siwan, Bihar: AISA, RYA, and CPI(ML) workers staged a protest at JP Chowk during the Bihar bandh over the NEET paper leak, the lathi-charge on students, and the demand for Union Education Minister Dharmendra Pradhan's resignation, while police remained on high alert to maintain… pic.twitter.com/lG8fywXv7M
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
दरभंगा से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कांग्रेस नेत्री और डिप्टी मेयर नाजिया हसन के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर नाजिया हसन प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बैरिकेडिंग का बांस उखाड़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में अब तक 54 नामजद और 500 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि 32 उपद्रवियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। भाजपा ने अब डिप्टी मेयर की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए मोर्चा खोल दिया है।
दानापुर के खगौल में बिना अनुमति के डीआरएम (DRM) कार्यालय से जगत नारायण कॉलेज तक जुलूस निकालने और थाने का घेराव करने के मामले में एएसपी अजीत कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने 60 नामजद और करीब 200 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, शिवहर में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे 9 संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सीतामढ़ी पुलिस हॉस्टलों में जाकर छात्रों को समझा रही है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हक है, लेकिन कानून हाथ में लेने पर अंजाम बुरा होगा।
Patna, Bihar: Security has been heightened in Patna following a bandh call by university organisations. Bihar Police personnel, along with central forces, have been deployed across the city, while sensitive areas remain under close surveillance. Authorities have warned of strict… pic.twitter.com/EStJB8K7TO
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
बिहार बंद के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट पर है। गोपालगंज के सिविल सर्जन ने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इमरजेंसी वार्डों और डायल-102 एम्बुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि, राज्य के जहानाबाद जिले से राहत की खबर है, जहाँ वाम संगठनों के बंद का सुबह कोई खास असर नहीं दिखा। वहाँ ट्रेनों और गाड़ियों का परिचालन सामान्य रूप से जारी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था वहाँ भी बेहद कड़ी है।
इस पूरे घमासान के बीच पटना पहुंचे भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के भविष्य को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ 2024 में ही बेहद सख्त कानून बना दिया है, जिसमें 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। आने वाले दिनों में इसे और भी ज्यादा कठोर बनाया जाएगा। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर उन्होंने कहा कि इस वक्त सबसे बड़ी प्राथमिकता राजनीति करना नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से खेलने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है।
बिहार बंद के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, जबकि छात्र संगठन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर, सरकार लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में धांधली के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बातचीत और सख्त कार्रवाई के बीच कोई समाधान निकलेगा, या छात्र आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा। फिलहाल बिहार में सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं।
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