
कोयंबटूर: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और सिस्टम की नाकामी अब मासूम छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक बेहद झकझोर देने वाली और दुखद घटना सामने आई है, जहां मेडिकल (MBBS) की पढ़ाई का सपना देखने वाली 19 वर्षीय छात्रा एस. अनु कीर्तना ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के दोबारा आयोजन (री-एग्जाम) से ठीक कुछ दिन पहले मानसिक तनाव में आकर कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया है, और सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
अनु कीर्तना कोयंबटूर के कोवईपुदुर की रहने वाली थी और सीआईटीयू (CITU) ट्रेड यूनियन नेता सेंथिल प्रभु की बड़ी बेटी थी। कीर्तना पढ़ने में बेहद होनहार थी; उसने साल 2025 में ही बीडीएस (BDS) सीट के लिए क्वालिफाई कर लिया था। लेकिन उसकी आँखों में सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर (MBBS) बनने का जुनून था। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने बीडीएस की सीट छोड़ी और एक साल का कठिन 'ड्रॉप' लेकर दिन-रात NEET की तैयारी में जुट गई। 3 मई को उसने पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी थी और उसे पूरा भरोसा था कि इस बार वह मेडिकल कॉलेज की दहलीज पार कर लेगी। लेकिन किस्मत और देश के परीक्षा सिस्टम को कुछ और ही मंजूर था। पेपर लीक के व्यापक आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने अचानक पूरी परीक्षा को ही रद्द कर दिया, जिससे कीर्तना की उम्मीदों पर जैसे बिजली गिर गई।
परीक्षा रद्द करने के बाद सरकार ने आगामी 21 जून को अनिवार्य रूप से दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) कराने का फरमान जारी कर दिया। एक साल की कड़ी मेहनत के बाद अचानक परीक्षा का रद्द होना और फिर से उसी मानसिक प्रताड़ना और दबाव से गुजरने की बात ने कीर्तना को भीतर से तोड़ दिया। मात्र कुछ दिनों के भीतर इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को दोबारा देने का डर उस पर हावी होने लगा। वह इस असमंजस और परीक्षा प्रणाली की अनिश्चितता के कारण गंभीर मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो गई। वह यह नहीं समझ पा रही थी कि जिस परीक्षा के लिए उसने अपना सब कुछ झोंक दिया, उसे दोबारा देने पर भी क्या गारंटी है कि परिणाम निष्पक्ष होंगे।
यह खौफनाक और आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले, कीर्तना ने अपने चाचा के मोबाइल पर एक ऐसा WhatsApp मैसेज भेजा, जिसे पढ़कर आज हर आंख नम है और सिस्टम पर गुस्सा उबल रहा है। उस आखिरी मैसेज में कीर्तना ने अपने पिता पर बार-बार पड़ने वाले आर्थिक बोझ को लेकर गहरी चिंता और बेबसी जाहिर की थी। उसने लिखा था: "मैंने NEET परीक्षा दी थी और मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतज़ार कर रही थी, लेकिन परीक्षा रद्द कर दी गई। मुझे दोबारा परीक्षा देने से बहुत डर लग रहा है... मुझे नहीं पता कि मैं कभी उनकी (माता-पिता की) आँखों में कैसे देख पाऊंगी।"
इस संदेश को देखते ही घबराए हुए रिश्तेदार तुरंत भागते हुए उसके घर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कीर्तना घर के भीतर बेहोश पड़ी थी। उसे आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।
कीर्तना की मौत की खबर फैलते ही पूरे कोयंबटूर में तनाव फैल गया। दुखी और आक्रोशित परिवार वालों ने शुरू में अस्पताल से कीर्तना का शव लेने से साफ मना कर दिया। उन्होंने इस मौत के लिए सीधे तौर पर सरकार की नीति और परीक्षा के लचर सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया। पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की और NEET सिस्टम पर हमेशा के लिए रोक लगाने के नारे लगाए। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई कि जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। भारी कूटनीतिक बातचीत और समझाइश के बाद, देर रात परिवार वाले शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए।
इस घटना के बाद कोयंबटूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज परिसर और सड़कों पर छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पूरे तमिलनाडु में एक बार फिर NEET विरोधी लहर तेज हो गई है। इधर, कुनियामुथुर पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतका कीर्तना का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, ताकि उस आखिरी व्हाट्सएप मैसेज और उसकी मौत से जुड़ी अन्य परिस्थितियों के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा है कि आखिर कब तक देश की दोषपूर्ण परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक माफियाओं की वजह से होनहार छात्र मौत को गले लगाते रहेंगे?
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।