
बोगोटा: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 111 लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों इमारतें कंक्रीट के मलबे में तब्दील हो गई हैं। भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसके झटके छिद्रित सीमा पार पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी जोरदार तरीके से महसूस किए गए।
A 7.4-MAGNITUDE EARTHQUAKE HAS LEFT #COLOMBIA DEVASTATED
At least 111 people have been killed and 1,600+ buildings damaged after the quake struck near #SanJosédelPalmar in the remote Chocó region.
The tremors were felt hundreds of kilometres away, including in #Bogotá and… pic.twitter.com/9Vu0RX6zJN— Rizwan Ashraffi (@rizwanace) August 11, 2026
Manizales, Colombia. Terremoto. pic.twitter.com/BzKcaWIHm1
— Jupac (@Jupacg) August 10, 2026
पेरेरा के मेयर मौरिसियो सालाज़ार ने स्थानीय रेडियो से बातचीत में बताया कि मृतकों में 18 लोग पेरेरा शहर के रहने वाले थे। उन्होंने मौजूदा स्थिति को “गंभीर” बताया। स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो में पेरेरा, कैली और क्विबडो में घरों और छोटी इमारतों को ढहते देखा गया। मनिज़ालेस में एक नियो-गोथिक कैथेड्रल का टावर भी भूकंप के झटकों से गिर गया।
भूकंप के प्रचंड झटकों से कई बहुमंजिला घर और व्यावसायिक इमारतें भरभराकर गिर गईं।
Me dirijo a Bogotá para concentrarme en la atención de la emergencia que enfrenta nuestro país.
He convocado un Puesto de Mando Unificado en la UNGRD, desde donde lideraré personalmente las acciones para atender a las comunidades del Chocó, el Eje Cafetero y todas las zonas… pic.twitter.com/Vo3bchx7lR— Abelardo De La Espriella (@ABDELAESPRIELLA) August 10, 2026
आपदा के बाद कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने सैन होस डेल पालमार में आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार की कार्रवाई की कमान संभालने की घोषणा की। अब प्राथमिकता राहत, बचाव और प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने की है।
यद्यपि मध्य कोलंबिया में हल्के भूकंपी झटके (टेम्ब्लोरेस) आना आम बात है, लेकिन 6.0 से अधिक तीव्रता का भूकंप इस क्षेत्र में दुर्लभ माना जाता है। इससे पहले 1999 में आर्मेनिया शहर के पास आए 6.2 तीव्रता के भूकंप में 1,100 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। फिलहाल प्रशासन ने पूरे प्रभावित इलाके में अलर्ट जारी किया है।
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच कर रहे हैं। कई परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
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