
बेंगलुरु शहर के HSR लेआउट में एक जिम में लगे पोस्टर पर गंभीर होमोफोबिया (समलैंगिकता से नफ़रत) फैलाने का आरोप लगा है। पोस्टर में 'गे' शब्द का मज़ाक उड़ाने वाले अंदाज़ में इस्तेमाल किए जाने पर सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। यह मामला तब गरमाया जब जिम के एक ग्राहक ने अंदर लगे पोस्टर की तस्वीर रेडिट पर शेयर कर दी।
तस्वीर को इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया है: "HSR के एक जिम में खुल्लम-खुल्ला होमोफोबिया; यकीन नहीं होता कि यह सच है।" पोस्टर पर लिखा था, "गे लोग वज़न वापस नहीं रखते। क्या आप भी ऐसे हैं?" (Gays can’t re-rack the weights. Are you?)। 'गे' शब्द का इस तरह मज़ाक के तौर पर इस्तेमाल करना लोगों को नागवार गुज़रा। रेडिट पर तस्वीर शेयर करने वाले शख्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "मैं जानता हूं कि इस्तेमाल के बाद वज़न इधर-उधर छोड़ देना सबके लिए परेशानी भरा होता है। लेकिन इसके लिए 'गे' शब्द को गाली की तरह इस्तेमाल करना हैरान करने वाला है। सार्वजनिक जगहों पर इतने गर्व से इस तरह का भेदभाव दिखाया जाएगा, इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।"
सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी कहा कि एक ऐसी जगह, जहां लोग फिटनेस और सेहत के लिए आते हैं, वहां किसी एक समुदाय का अपमान करने वाला मैसेज लगाना बिल्कुल गलत है। कई लोगों ने जिम मैनेजमेंट के खिलाफ़ आवाज़ उठाते हुए कहा कि पोस्टर की भाषा अपमानजनक है और ऐसी सोच को बदलना ज़रूरी है। ज़्यादातर लोगों का मानना था कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक है और एक जाने-माने संस्थान से ऐसी हरकत की उम्मीद नहीं की जा सकती।
आलोचकों ने इसे सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी सोच बताया। रेडिट के एक यूज़र ने लिखा, "इससे साबित होता है कि ज़्यादातर जिम मालिक पढ़े-लिखे नहीं होते। उनके पास दिमाग नहीं, सिर्फ मसल्स होती हैं।" पोस्टर पर विरोध बढ़ने के बाद जिम मैनेजमेंट ने माफ़ी मांग ली। उन्होंने कहा कि यह उनकी क्रिएटिव टीम से हुई गलती थी और उनका इरादा किसी भी समुदाय को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने अपने मैसेज में कहा कि वे हर व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करते हैं और गलती सुधारने में मदद करने वालों का शुक्रिया अदा करते हैं।
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