केजरीवाल की अर्जी पर कोर्ट सख्त, जज ने कहा-न्यायपालिका पर सवाल बर्दाश्त नहीं

Published : Apr 20, 2026, 08:03 PM IST
Court Slams Kejriwals Plea to Change Judge Calls It a Challenge to Judicial Integrity

सार

Court Slams Kejriwal’s Plea to Change Judge: दिल्ली आबकारी मामले में केजरीवाल की जज बदलने की अर्जी पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि निष्पक्षता पर सवाल न्यायपालिका की गरिमा को प्रभावित करते हैं और बिना आधार के ऐसे आरोप सही नहीं हैं।

दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मामले में एक बार फिर अदालत के भीतर तीखी बहस देखने को मिली। इस बार मुद्दा केस की मेरिट से ज्यादा न्यायपालिका की निष्पक्षता पर उठे सवालों का था। अरविंद केजरीवाल की ओर से जज बदलने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ संदेश दिया कि यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि संस्थान की साख से जुड़ा मामला है।

“सिर्फ मेरे नहीं, पूरी न्यायपालिका पर सवाल”

अर्जी पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि इस मामले में उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने अपने आदेश में उल्लेख किया कि जब वह फैसला लिख रही थीं, तब कोर्ट रूम में सन्नाटा था और उन्हें अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का गहरा अहसास हुआ। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जज की परीक्षा नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की निष्पक्षता और उसकी गरिमा की भी कसौटी है। ऐसे आरोप संस्थान के विश्वास को प्रभावित करते हैं।

यह भी पढ़ें: Plane Crash: छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्राइवेट प्लेन क्रैश, पायलट-क्रू मेंबर की जनकारी अभी नहीं...

“सुपीरियर कोर्ट के फैसले से जज पर सवाल नहीं उठते”

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मामले में उच्च अदालत द्वारा आदेश रद्द कर देना इस बात का आधार नहीं हो सकता कि संबंधित जज उस केस को सुनने के योग्य नहीं हैं। जस्टिस शर्मा ने कहा कि केजरीवाल के गिरफ्तारी मामले में केवल गिरफ्तारी की जरूरत का मुद्दा बड़ी बेंच को भेजा गया था और अंतरिम राहत दी गई थी। निचली अदालत के आदेश को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया था, इसलिए इस आधार पर जज बदलने की मांग करना उचित नहीं है।

“राजनीतिक बयानों के आधार पर सुनवाई से अलग नहीं हो सकते”

अदालत ने यह भी कहा कि किसी नेता के सार्वजनिक बयान के आधार पर जज के खिलाफ पूर्वाग्रह का आरोप लगाना पूरी तरह कल्पना पर आधारित है। अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि न्यायालय का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है कि कोई नेता सार्वजनिक मंच पर क्या कहता है। ऐसे बयानों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता।

“मुद्दई ने संस्थान को चुनौती दी”

जस्टिस शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत आरोपों का नहीं, बल्कि न्यायपालिका की संस्था को चुनौती देने जैसा है। उन्होंने कहा कि अपने 34 साल के न्यायिक अनुभव में उन्होंने हमेशा बिना किसी दबाव या आरोप से प्रभावित हुए फैसले दिए हैं और इस मामले में भी वही सिद्धांत अपनाया गया।

“जब फैसला पक्ष में था, तब कोई सवाल नहीं उठा”

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जब पहले इसी अदालत से अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के नेताओं को राहत मिली थी, तब निष्पक्षता पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को केवल तब चुनौती देना, जब फैसला अपने खिलाफ हो, सही परंपरा नहीं मानी जा सकती। अदालत में कई मामलों में एक ही तरह की प्रक्रिया अपनाई जाती है और उसे लगातार स्वीकार किया जाता रहा है।

अन्य मामलों का भी जिक्र, आरोपों को किया खारिज

जस्टिस शर्मा ने सुनवाई के दौरान संजय सिंह और मनीष सिसोदिया के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में दिए गए आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की थी। इससे यह साफ होता है कि अदालत के फैसलों को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

यह भी पढ़ें: ट्रंप-मुनीर बातचीत के बीच बिगड़े हालात, हॉर्मुज बना शांति वार्ता में सबसे बड़ा रोड़ा

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

कड़ी धूप में गरम हो गया मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दिमाग, कहा- सारे अधिकारी यहां आ जाओ
Pachpadra Refinery Fire: 5 तस्वीरों में देखिए बालोतरा रिफाइनरी की आग, आसमान में छाया धुएं का गुबार