छत्तीसगढ़ के नारायणपुर के जंगलों में एक प्राइवेट प्लेन क्रैश हो गया। कम ऊंचाई पर उड़ रहा विमान पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ और उसमें आग लग गई। हताहतों की आशंका है और बचाव कार्य जारी है।
रायपुर: अभी कुछ ही देर पहले हैदराबाद से हुबली जा रही फ्लाइट की खबर आई थी, जिसमें तकनीकी खराबी के चलते विमान को बड़ी मुश्किल से बेंगलुरु में सुरक्षित लैंड कराया गया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें यात्री डर के मारे चीखते-चिल्लाते दिख रहे हैं। इस घटना की चर्चा चल ही रही थी कि अब छत्तीसगढ़ के जशपुर और नारायणपुर इलाके में एक प्राइवेट प्लेन के क्रैश होने की खबर सामने आई है।
यह हादसा नारायणपुर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले रत्नपहाली जंगल में हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्लेन में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। बताया जा रहा है कि यह विमान काफी नीचे उड़ान भर रहा था। पहाड़ी और जंगली इलाका आने पर विमान को और ऊपर उड़ना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। प्लेन एक पहाड़ पर लगे पेड़ से टकराया और क्रैश हो गया।
इस विमान में कितने लोग सवार थे?
फिलहाल, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि विमान में कितने यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। नारायणपुर के जंगलों में गिरने के बाद प्लेन में आग लग गई। आग की लपटें दूर से ही साफ दिखाई दे रही थीं। आशंका जताई जा रही है कि विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई होगी। हालांकि, अभी तक जान-माल के नुकसान पर कोई पक्की खबर नहीं आई है।
मौके पर पहुंचीं बचाव टीमें
इलाका जंगली होने की वजह से बचाव टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच पाई हैं। फिलहाल बचाव का काम चल रहा है, लेकिन घना जंगल होने के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस विमान और उसमें सवार लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
यह एक सिंगल-इंजन प्रोपेलर एयरक्राफ्ट था। इस तरह के विमान आमतौर पर बहुत ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ते हैं। लेकिन जरूरत पड़ने पर या सुरक्षा के लिए वे ऊंचाई पर उड़ान भर सकते हैं। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या पायलट ने पहाड़ी और जंगली इलाके में कम ऊंचाई पर उड़ने के खतरे को नजरअंदाज कर दिया था?
