खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, इसलिए इस पर हमला ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दे सकता है। बताया जा रहा है कि हमले में तेल सुविधाओं के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों, ड्रोन उत्पादन इकाइयों और सैन्य ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है। विश्लेषकों का मानना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल का उद्देश्य ईरान की आर्थिक और सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना हो सकता है, ताकि उसके मिसाइल, ड्रोन और परमाणु कार्यक्रम पर असर पड़े। ईरान ने इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे आशंका बढ़ गई है कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है।