
Trump Health News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती तोंद और वजन को लेकर डॉक्टरों ने चिंता जताई है। व्हाइट हाउस की पिछली मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का वजन 238 पाउंड यानी करीब 108 किलो था और पिछली जांच के मुकाबले उनका वजन 14 पाउंड बढ़ा था। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ता वजन कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। ट्रंप की उम्र 80 साल हो चुकी है और मैकडॉनल्ड्स के बर्गर और फास्ट फूड के लिए उनका प्यार किसी से छिपा नहीं है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि सिर्फ बर्गर खाने की वजह से उनका वजन बढ़ा है। डॉक्टरों की चिंता मुख्य रूप से बढ़ते वजन और उससे होने वाले हेल्थ रिस्क को लेकर है।
व्हाइट हाउस की मई में जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, 6 फीट 3 इंच लंबे ट्रंप का वजन 238 पाउंड था। यह आंकड़ा करीब 108 किलोग्राम बैठता है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका BMI मोटापे की सीमा से सिर्फ 0.3 अंक नीचे था। BMI शरीर के वजन और लंबाई के आधार पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक सामान्य पैमाना है। हालांकि, यह किसी व्यक्ति की सेहत या बीमारी का अंतिम फैसला करने वाला टेस्ट नहीं माना जाता है। यही वजह है कि डॉक्टरों ने ट्रंप के हालिया वजन बढ़ने को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी है।
नेशनल सेंटर फॉर वेट एंड वेलनेस के डॉक्टर स्कॉट कहान ने 'The Washington Post' से बातचीत में ट्रंप के वजन को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि राष्ट्रपति की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए मोटापे से जुड़ी समस्या पर ध्यान देना बेहद जरूरी होना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादा वजन कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इसमें लंबे समय में काम करने की क्षमता पर असर और समय से पहले मौत का खतरा भी शामिल हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप का BMI मोटापे की सीमा से सिर्फ 0.3 अंक नीचे था। इसका मतलब यह नहीं है कि BMI अकेले किसी व्यक्ति की पूरी सेहत बता देता है। डॉक्टर भी इसे एक सामान्य माप के तौर पर देखते हैं। फिर भी, वजन का लगातार बढ़ने से डॉक्टरों का ध्यान गया है।
ट्रंप को फास्ट फूड पसंद करने के लिए लंबे समय से जाना जाता है और मैकडॉनल्ड्स उनके पसंदीदा फास्ट फूड ब्रांड्स में से एक रहा है। अमेरिका के फ्लोरिडा के एक सांसद और रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के चेयरमैन जो ग्रूटर्स ने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप की खाने की आदतों के बारे में बताया था। उनके मुताबिक, एक मौके पर ट्रंप के लिए मैकडॉनल्ड्स के फ्राइज, फिले-ओ-फिश, क्वार्टर पाउंडर और बिग मैक मंगाए गए थे। उन्होंने यह भी बताया था कि ट्रंप रेगुलर इतना फास्ट फूड खाते थे कि उन्हें यह बात हैरान करने वाली लगती थी। हालांकि, ट्रंप के वजन बढ़ने की वजह सिर्फ मैकडॉनल्ड्स या बर्गर को बताने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी FDA के पूर्व प्रमुख डेविड केसलर ने भी 'The Washington Post' से ज्यादा वजन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर बात की। उन्होंने ट्रंप की व्यक्तिगत सेहत पर कोई खास टिप्पणी नहीं की। उन्होंने शरीर के बीच वाले हिस्से में जमा फैट (Visceral Fat) को लेकर चिंता बताई। यह वह फैट है जो शरीर के अंदरूनी अंगों के आसपास जमा हो सकता है।
ट्रंप के वजन में पिछले कुछ सालों में बदलाव देखा गया है। 2024 में वह अपने पहले कार्यकाल के आखिरी हिस्से की तुलना में ज्यादा पतले दिखाई दिए थे। उस दौरान उनका वजन 244 पाउंड और BMI 30.5 बताया गया था, जो मोटापे की कैटेगरी में आता है। इसके बाद वजन कुछ कम हुआ, लेकिन अब यह आंकड़ा फिर 238 पाउंड तक पहुंच गया है।
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप खुद भी हाल में अपने वजन का जिक्र कर चुके हैं। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति विलियम हॉवर्ड टैफ्ट के बारे में बात करते हुए कहा था कि टैफ्ट काफी भारी थे और वह नहीं चाहते कि उनका वजन इतना बढ़ जाए कि वह टैफ्ट का रिकॉर्ड पार कर दें।
डोनाल्ड ट्रंप की सेहत पहले भी सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है। उनके हाथों पर चोट या नीले निशान, पैरों में सूजन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कभी-कभी झपकी लेते हुए दिखाई देने जैसी चीजों को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन की ओर से इन चिंताओं को कम करके बताया गया है। व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन अधिकारियों ने पहले ट्रंप को बेहद एक्टिव, एनर्जेटिक और अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम बताया है।
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