
Donald Trump Party: अमेरिका में इस वक्त मिडटर्म चुनाव (US Midterm Elections) की चर्चा हर तरफ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। विपक्षी दल ने 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' में अच्छी खासी बढ़त के साथ कब्जा जमा लिया है। चुनाव में हार-जीत की खबरों के बीच ट्रंप की पार्टी की चर्चा खूब है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप किस पार्टी के हैं? उनकी पार्टी रिपब्लिकन हैं या डेमोक्रेट? अगर आप भी इसे लेकर कन्फ्यूज हैं, तो आइए जानते हैं जवाब और वो किस-किस पार्टी में अब तक रहे हैं...
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के नेता हैं। वो इसी पार्टी के सदस्य हैं और अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर काम कर रहे हैं। अमेरिका में मुख्य रूप से दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां हैं। पहली रिपब्लिकन पार्टी और दूसरी डेमोक्रेटिक पार्टी। रिपब्लिकन पार्टी को अक्सर कंजर्वेटिव विचारों वाली पार्टी माना जाता है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी को आमतौर पर लिबरल विचारों से जोड़कर देखा जाता है। ट्रंप की राजनीति में रिपब्लिकन पार्टी की विचारधारा का बड़ा असर दिखाई देता है। वो इमिग्रेशन, अमेरिकी अर्थव्यवस्था, व्यापार और देश की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी अलग राय रखते हैं।
कम लोग ही जानते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप हमेशा रिपब्लिकन पार्टी का हिस्सा नहीं थे। उनका राजनीतिक जुड़ाव अलग-अलग समय पर कई पार्टियों से रहा है। साल 1987 में वह रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े थे। इसके बाद 1999 में उन्होंने पार्टी छोड़कर रिफॉर्म पार्टी का रास्ता चुना। साल 2001 में ट्रंप डेमोक्रेटिक पार्टी में शामिल हो गए और करीब आठ साल तक इससे जुड़े रहे। सितंबर 2009 में उन्होंने फिर रिपब्लिकन पार्टी में वापसी की। इसके बाद कुछ समय के लिए वो इंडिपेंडेंस यानी निर्दलीय भी रहे, लेकिन अप्रैल 2012 में एक बार फिर रिपब्लिकन पार्टी से जुड़ गए। तब से उनकी राजनीतिक पहचान इसी पार्टी के नेता के तौर पर बनी हुई है।
जुलाई 1987 से 1999: रिपब्लिकन पार्टी
1999 से 2001: रिफॉर्म पार्टी
अगस्त 2001 से सितंबर 2009: डेमोक्रेटिक पार्टी
दिसंबर 2011 से अप्रैल 2012: निर्दलीय यानी इंडिपेंडेंस
अप्रैल 2012 से अब तक: रिपब्लिकन पार्टी
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बीच होने वाले मिडटर्म चुनाव भी काफी अहम होते हैं। इन चुनावों में अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के सदस्यों के लिए वोटिंग होती है। अमेरिकी कांग्रेस के दो सदन हैं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट। हाउस में कुल 435 सीटें होती हैं, जबकि सीनेट में 100 सदस्य होते हैं। अगर राष्ट्रपति की पार्टी दोनों सदनों में बहुमत बनाए रखती है, तो उसे अपने फैसलों और कानूनों को आगे बढ़ाने में आसानी होती है। लेकिन अगर विपक्षी पार्टी बहुमत हासिल कर लेती है, तो राष्ट्रपति के लिए अपने एजेंडे को लागू करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मिडटर्म चुनाव के नतीजे सिर्फ राजनीतिक पार्टियों के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति की सरकार के लिए भी काफी मायने रखते हैं।
इतने बड़े उलटफेर के बाद ट्रंप ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में साफ कहा कि वो जनता के इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने ये भी वादा किया है कि देश के काम न रुकें, इसके लिए वो विपक्षी पार्टी (डेमोक्रेट्स) के साथ मिलकर काम करेंगे।
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