DPDP Act: प्रेस की आजादी पर क्या पड़ेगा असर? सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, रोक से इनकार

Published : Oct 27, 2026, 01:32 PM IST
dpdp act supreme court dnpa news publishers press freedom centre notice

सार

DPDP Act News: सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। प्राइवेसी कानून पर अंतरिम रोक से इनकार करते हुए अगली सुनवाई 17 नवंबर तय की गई है। पूरी खबर पढ़ें।

नई दिल्ली: डिजिटल दुनिया में निजता और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के बीच एक बड़ी कानूनी जंग छिड़ गई है। 'डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन' (DNPA) ने देश के नए 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन' (DPDP) एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मीडिया समूहों का कहना है कि इस कानून के सख्त प्रावधानों से खोजी पत्रकारिता की कमर टूट जाएगी और सूत्रों की गोपनीयता पर खतरा मंडराएगा। हालांकि, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को नोटिस जारी तो किया, लेकिन फिलहाल कानून पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

DPDP Act पर DNPA की बड़ी आपत्ति

  • DNPA ने DPDP Act और उससे जुड़े नियमों के कई प्रावधानों को चुनौती दी है। संगठन का कहना है कि कानून में पत्रकारिता के लिए स्पष्ट छूट नहीं होने से न्यूज रिपोर्टिंग और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म प्रभावित हो सकता है।
  • DNPA का दावा है कि पत्रकारों को रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले संबंधित व्यक्ति की अनुमति या सहमति लेने की स्थिति में न्यूज़रूम का सामान्य कामकाज मुश्किल होगा।
  • खासकर समय-संवेदी खबरों में पहले से सहमति लेना रिपोर्टिंग की गति को प्रभावित कर सकता है।
  • संगठन ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार से जुड़ा गंभीर सवाल बताया है।

Supreme Court ने स्टे देने से क्यों किया इनकार?

DNPA की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने कोर्ट से कानून के विवादित प्रावधानों पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि अगर हर रिपोर्ट के लिए पहले अनुमति लेनी पड़ेगी तो पत्रकारिता प्रभावित होगी। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल एकतरफा यानी ex-parte रोक देने से इनकार कर दिया। पीठ ने केंद्र का पक्ष सुनना जरूरी माना और नोटिस जारी कर दिया।

21 न्यूज पब्लिशर्स की याचिका, स्रोतों को लेकर चिंता

21 बड़े मीडिया समूह एक साथ: DNPA में नेटवर्क 18, NDTV, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, लोकमत, बिजनेस स्टैंडर्ड, ज़ी न्यूज़, ईनाडु, ABP ग्रुप, इंडिया टीवी, मातृभूमि, मलयाला मनोरमा, इंडिया टुडे, द हिंदू, टाइम्स इंटरनेट, HT डिजिटल, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, द मैसूर प्रिंटर्स, ABP और जागरण न्यू मीडिया जैसे दिग्गज मीडिाय समूह शामिल हैं।

  • प्रकाशकों को डर है कि कानून से गोपनीय पत्रकारिता स्रोतों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
  • खोजी पत्रकारिता में किसी व्यक्ति की पहचान या निजी डेटा जुटाने से पहले सहमति की जरूरत पड़ने का सवाल उठाया गया है।
  • याचिका में कुछ प्रावधानों को प्रेस की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार के खिलाफ बताया गया है।
  • अब केंद्र सरकार को इन आपत्तियों पर जवाब देना होगा। सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर को DNPA की याचिका को पहले से लंबित DPDP मामलों के साथ सुन सकता है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

अब हर महीने टोल देने की जरूरत नहीं! 1 नवंबर से आ रहा है ₹1,500 का नया FASTag पास
MLC Election Result: अखिलेश ने दी आंदोलन और केस की चेतावनी, चुनाव आयोग ने क्या कहा?