Earthquake Prediction: 10 मार्च के आसपास आ सकता है बड़ा भूकंप, जानें किसने की भविष्यवाणी

Published : Mar 09, 2026, 07:34 PM ISTUpdated : Mar 09, 2026, 07:54 PM IST
Earthquake

सार

तुर्की-सीरिया भूकंप से पहले चेतावनी देकर चर्चा में आए डच रिसर्चर फ्रैंक हूगरबीट्स ने फिर बड़े भूकंप की संभावना जताई है। SSGEOS के अनुसार ग्रहों की स्थिति और चांद की गतिविधि के आधार पर 10 मार्च के आसपास किसी बड़े भूकंपीय घटना की आशंका व्यक्त की गई है।

एक डच रिसर्चर, जिन्होंने पहले तुर्की-सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप से पहले सीस्मिक एक्टिविटी को लेकर टिप्पणी की थी, एक बार फिर बड़े भूकंप की संभावना को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उनकी पिछली चेतावनी के बाद कई लोगों का ध्यान उनकी रिसर्च की ओर गया था। अब उन्होंने फिर से एक नई चेतावनी जारी की है।

SSGEOS के फ्रैंक हूगरबीट्स का दावा

सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे (SSGEOS) से जुड़े डच रिसर्चर फ्रैंक हूगरबीट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में पृथ्वी पर बड़ी भूकंपीय गतिविधि देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, ग्रहों की स्थिति और अंतरिक्ष की घटनाओं के आधार पर पृथ्वी पर भूकंप की संभावना का आकलन किया जा सकता है।

ग्रहों की स्थिति और चांद की गतिविधि को बताया कारण

फ्रैंक हूगरबीट्स ने कहा कि ग्रहों की विशेष स्थिति और चांद की गतिविधियों (लूनर पीक्स) के कारण पृथ्वी पर भूकंपीय हलचल बढ़ सकती है। उनका दावा है कि इन खगोलीय परिस्थितियों के आधार पर 10 मार्च के आसपास किसी बड़ी भूकंपीय घटना की संभावना काफी ज्यादा हो सकती है। फ्रैंक हूगरबीट्स पहले भी उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने तुर्की और सीरिया में आए भयानक भूकंप से पहले सीस्मिक एक्टिविटी को लेकर चेतावनी दी थी। उस घटना के बाद उनकी भविष्यवाणी को लेकर सोशल मीडिया और वैज्ञानिक समुदाय में काफी चर्चा हुई थी।

फ्रैंक हूगरबीट्स ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?

हाल ही में सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में हूगरबीट्स ने लिखा कि हाल के दिनों में ग्रहों की एक खास स्थिति बनने के बाद चांद की एक चोटी (लूनर पीक) भी सामने आई है। उनके मुताबिक, ग्रहों की इस स्थिति के बाद चांद की गतिविधि ने पहले ही कई तेज भूकंपों के झटकों की शुरुआत कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे आने वाले दिनों में भूकंपीय गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

वीडियो और ग्राफ का हवाला देकर जताई आशंका

हूगरबीट्स ने इस महीने की शुरुआत में जारी अपने एक वीडियो में दिखाए गए एक ग्राफ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “आज चांद की चोटी है, जो पिछले दो दिनों में ग्रहों की चोटी के बाद आई है। इसके बाद पहले ही कई तेज भूकंपों के झटकों का सिलसिला शुरू हो चुका है। 10 मार्च के आसपास एक बड़ी भूकंपीय घटना की बहुत ज्यादा संभावना है।”

तुर्की-सीरिया भूकंप के बाद चर्चा में आए थे हूगरबीट्स

फ्रैंक हूगरबीट्स 2023 में तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के बाद काफी चर्चा में आए थे, जिसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी। उस आपदा से पहले ग्रहों की स्थिति को लेकर उनके सोशल मीडिया पोस्ट को कुछ यूजर्स ने बाद में भूकंप की भविष्यवाणी से जोड़कर देखा था। इसी वजह से उनकी रिसर्च और दावों पर लोगों का ध्यान गया।

वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स ने उठाए सवाल

हालांकि, कई वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने हूगरबीट्स के इन दावों पर कड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि हूगरबीट्स जिन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें वैज्ञानिक समुदाय में मान्यता नहीं मिली है। इसलिए इन दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने उनकी नई चेतावनी की आलोचना की है और इसे स्यूडोसाइंस (Pseudo-science) बताया है। कुछ लोगों ने बिना प्रमाणित भविष्यवाणियों के आधार पर डर फैलाने को गलत बताया।

क्या सच में भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव है?

भूकंप की भविष्यवाणी को लेकर वैज्ञानिक संस्थाओं की राय काफी स्पष्ट है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, फिलहाल किसी भी तकनीक से भूकंप का सटीक समय और स्थान बताना संभव नहीं है। USGS का कहना है कि अब तक न तो उसने और न ही किसी अन्य वैज्ञानिक संस्था ने किसी बड़े भूकंप का सफलतापूर्वक सटीक अनुमान लगाया है।

वैज्ञानिक कैसे लगाते हैं भूकंप का अनुमान

वैज्ञानिक आम तौर पर पुराने डेटा और जियोलॉजिकल स्टडीज के आधार पर यह अंदाजा लगाते हैं कि किसी क्षेत्र में लंबे समय में भूकंप आने की संभावना कितनी है। इसके लिए रिसर्चर हैज़र्ड मैपिंग और स्टैटिस्टिकल मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। इन तरीकों से यह पता लगाया जा सकता है कि कौन-से इलाके भूकंप के लिहाज से ज्यादा संवेदनशील हैं। लेकिन मौजूदा वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर यह बताना संभव नहीं है कि भूकंप कब और कहां आएगा।

एक्सपर्ट्स की सलाह: तैयारी और जागरूकता सबसे जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप से जुड़े पैटर्न और गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। हालांकि किसी खास तारीख या जगह को लेकर किए गए दावों पर तब तक सावधानी से विश्वास करना चाहिए, जब तक वे वैज्ञानिक रूप से साबित न हों। अधिकारी और वैज्ञानिक संस्थाएं लगातार इस बात पर जोर देते हैं कि भूकंप से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बेहतर बिल्डिंग स्टैंडर्ड, आपदा प्रबंधन की तैयारी और जागरूकता सबसे जरूरी उपाय हैं।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

रेलवे क्रॉसिंग पार करते ही आ गई ट्रेन…टाटा इंट्रा के उड़े परखच्चे, ड्राइवर ने ऐसे बचाई जान
बेंगलुरु में रहना कितना महंगा? टेकी ने शेयर किया 1.65 लाख का मंथली खर्च-पोस्ट वायरल