
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की पूर्व मंत्री और रक्षा विशेषज्ञ शिरीन मजारी ने कहा है कि पाकिस्तान में सरकार की नीतियों की आलोचना करने वालों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को चुप कराने के लिए कानूनी व्यवस्था का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इमरान खान की सरकार में मानवाधिकार मंत्री रहीं मजारी ने अपनी बेटी और मानवाधिकार वकील ईमान जैनब मजारी को लेकर चल रही सुनवाई का हवाला देते हुए देश के डरावने हालात के बारे में बताया।
ईमान और उनके पति हादी अली चट्ठा पर मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने एक ट्वीट में 'जबरन गुमशुदगी' शब्द का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान की साइबर क्राइम एजेंसी का कहना है कि इस शब्द का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसा है। 2016 के प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया है। अगर दोष साबित हो जाता है, तो उन्हें 14 साल तक की जेल हो सकती है।
शिरीन मजारी ने 'डिसेंट टुडे' में लिखे एक लेख में कहा कि इस मामले की सुनवाई के दौरान जो हुआ, वह कानूनी व्यवस्था की गिरावट को दिखाता है। अभियोजन पक्ष का आधिकारिक गवाह अपना पहचान पत्र तक पेश नहीं कर सका। 'जबरन गुमशुदगी' शब्द का इस्तेमाल पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और यहां तक कि पंजाब की मौजूदा मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ भी करती हैं। पाकिस्तान में इसके लिए एक आधिकारिक आयोग भी है। लेकिन मजारी ने बताया कि जब कोई आम नागरिक इसका इस्तेमाल करता है, तो यह देशद्रोह बन जाता है।
ऐसे मामले पाक सेना की नीतियों और बलूचिस्तान में सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करने वालों को खत्म करने के लिए गढ़े जाते हैं। हाल ही में, 'इट इज ओवर' नाम का एक लेख, जिसका मतलब था कि पाकिस्तान की युवा पीढ़ी पुरानी शासन शैलियों से तंग आ चुकी है, सेना के दबाव में एक बड़े अखबार से हटा दिया गया था। यह दिखाता है कि देश में बोलने की आजादी कितने खतरे में है। अंतरराष्ट्रीय कानून संगठनों ने ईमान मजारी और उनके पति पर हो रहे लगातार न्यायिक उत्पीड़न की निंदा की है। वैश्विक संगठनों ने पाकिस्तान से उनके खिलाफ आरोप वापस लेने और वकीलों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।