Gaza War: मौतों का आंकड़ा 74 हजार पार, सीजफायर के बीच क्यों नहीं थम रही जंग?

Published : Sep 27, 2026, 05:43 PM IST
Gaza War Death Toll Crosses 74000 as Ceasefire Stalls Ahead of Israel Election

सार

गाजा युद्ध में फिलिस्तीनी मौतों का आंकड़ा 74,016 पहुंच गया है। सीजफायर के बावजूद हमले जारी हैं। वहीं इजराइल में 27 अक्टूबर के चुनाव से पहले नेतन्याहू के खिलाफ विपक्षी दलों ने सहयोग बढ़ाया है।

गाजा में करीब तीन साल से जारी युद्ध ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद फिलिस्तीनियों की मौत का आंकड़ा 74,016 पहुंच गया है, जबकि 1,75,068 लोग घायल हुए हैं। 10 अक्टूबर को लागू हुआ सीजफायर भारी लड़ाई को काफी हद तक रोकने में सफल रहा, लेकिन हमले पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।

गाजा में 74 हजार से ज्यादा मौतें

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सीजफायर लागू होने के बाद भी 1,145 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। मंत्रालय हमास के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा है और नागरिकों तथा लड़ाकों की मौतों को अलग-अलग नहीं बताता। उसके मुताबिक मृतकों में महिलाओं और बच्चों की हिस्सेदारी करीब आधी है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय संगठन इसके विस्तृत रिकॉर्ड को सामान्य तौर पर विश्वसनीय मानते हैं। यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले के बाद शुरू हुआ था। इजराइल के मुताबिक उस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। सीजफायर के बाद सात इजराइली सैनिकों की भी मौत हुई है।

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सीजफायर के बावजूद कई मुद्दे अटके

अमेरिकी मध्यस्थता से हुए सीजफायर के कई अहम पहलू अभी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली सेना गाजा के आधे से ज्यादा हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए है, जबकि हमास ने हथियार नहीं छोड़े हैं। नई फिलिस्तीनी सरकार और पुनर्निर्माण को लेकर भी स्थिति आगे नहीं बढ़ी है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि हमास के हथियार डालने तक इजराइली सेना पीछे नहीं हटेगी। इस बीच गाजा में मानवीय और बुनियादी ढांचे का संकट बना हुआ है।

इजराइल में अगले महीने चुनाव, विपक्ष एकजुट

युद्ध के बीच इजराइल में 27 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय चुनाव होने हैं। यह 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा। मुख्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नेतन्याहू के गठबंधन को चुनौती देने के लिए सहयोग का ऐलान किया है। बैठक में पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट, पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और यायर लैपिड, यायर गोलान और एविगडोर लिबरमैन शामिल हुए।विपक्षी दलों ने मतदान बढ़ाने, फेक न्यूज और बदनाम करने वाले अभियानों से मुकाबला करने तथा अगली सरकार के बुनियादी सिद्धांत तय करने पर साथ काम करने की बात कही है। चुनाव को लेकर मौजूदा सर्वेक्षणों में किसी भी उम्मीदवार या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत की स्थिति नहीं दिख रही है।

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