
नई दिल्ली: भारत की सबसे तेजी से बढ़ती एयरलाइन, अकासा एयर ने 'अकासा स्काईकैडेट' प्रोग्राम लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह एक खास पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जिसे भविष्य के कमर्शियल पायलट तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस प्रोग्राम में DGCA के नियमों और एयरलाइन के ग्लोबल ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी।
फिलहाल, भारतीय एयरलाइंस ने करीब 1,700 विमानों का ऑर्डर दे रखा है और अनुमान है कि 2035 तक देश का कमर्शियल फ्लीट लगभग तीन गुना हो जाएगा। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, आज भारत में लगभग 12,000 से 15,000 कमर्शियल पायलट हैं, और 2035 तक भारत को करीब 35,000 पायलटों की जरूरत होगी। वहीं, अगले दो दशकों में पूरे भारत और दक्षिण एशिया में लगभग 45,000 नए पायलटों की जरूरत पड़ेगी, जिससे इस फील्ड में आने वाले युवाओं के लिए शानदार मौके बनेंगे।
1. ग्राउंड स्कूल: इसमें एयर रेगुलेशन, नेविगेशन, मौसम विज्ञान, एयरक्राफ्ट की तकनीकी जानकारी और ह्यूमन परफॉर्मेंस जैसे विषयों पर थ्योरी की पढ़ाई होगी। यह कैडेट्स को DGCA की परीक्षाओं और आगे की फ्लाइट ट्रेनिंग के लिए तैयार करेगा।
2. कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) फ्लाइट ट्रेनिंग: इसमें DGCA और ICAO के मानकों के अनुसार ड्यूल और सोलो फ्लाइंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें नेविगेशन, इंस्ट्रूमेंट और क्रॉस-कंट्री फ्लाइंग पर फोकस होगा।
3. बोइंग 737 मैक्स पर टाइप रेटिंग: यह एक एडवांस ट्रेनिंग है, जिसमें सिम्युलेटर और एयरक्राफ्ट सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे कैडेट्स बोइंग 737 मैक्स फ्लीट पर कमर्शियल जेट ऑपरेशन के लिए तैयार होंगे।
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