इच्छामृत्यु पर दुनिया के अजीब कानूनः पाकिस्तान में कालकोठरी-रूस में कड़ी सजा, जानें अमेरिका-मिडिल ईस्ट में क्या होता है

Published : Mar 25, 2026, 12:43 PM IST
Euthanasia Laws India vs World

सार

Euthanasia Laws in World: 13 साल से कोमा में चल रहे गाजियाबाद के हरीश राणा को भारत में पहली बार कोर्ट की मंजूरी से पैसिव यूथेनेशिया दिया गया। आज उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके केस ने 'राइट टू डाई' पर देशभर में नई बहस छेड़ दी है। दुनिया के कई देशों में इच्छामृत्यु पूरी तरह गैर-कानूनी है। जानिए अमेरिका से लेकर मिडिल-ईस्ट के देशों में क्या नियम है...

Euthanasia Laws India vs World: गाजियाबाद के हरीश राणा अब इस दुनिया में नहीं हैं। 13 साल तक कोमा में रहने के बाद, कल 24 मार्च को दिल्ली एम्स में उन्होंने आखिरी सांस ली। आज सुबह दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हुआ। हरीश भारत के पहले ऐसे व्यक्ति बने जिन्हें 'पैसिव यूथेनेशिया' यानी सम्मान के साथ मौत (इच्छामृत्यु) का कानूनी हक मिला। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस इच्छामृत्यु को भारत में सुप्रीम कोर्ट ने हरीश के लिए सही माना, उसी के लिए दुनिया के कई देशों में कड़ी सजा का प्रावधान है? आइए जानते हैं कि मौत के इस अधिकार को लेकर दुनिया के अलग-अलग देशों में क्या नियम हैं...

पाकिस्तान: मदद की तो 14 साल की जेल

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में इच्छामृत्यु को लेकर कानून बेहद सख्त है। यहां यूथेनेशिया किसी भी रूप में वैध नहीं है। अगर कोई डॉक्टर या परिवार का सदस्य इसमें मदद करता है या इसे बढ़ावा देता है, तो उसे 'कालकोठरी' यानी 14 साल तक की जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

रूस: डॉक्टर को भी नहीं मिलती माफी

रूस में चाहे एक्टिव (इंजेक्शन देकर मारना) हो या पैसिव (इलाज रोककर मारना), दोनों ही तरीके पूरी तरह अवैध हैं। यहां कानून इतना कड़ा है कि अगर कोई डॉक्टर दया दिखाते हुए मरीज का इलाज रोक देता है या उसे मौत की दवा देता है, तो उस डॉक्टर को कड़ी सजा और भारी जुर्माना भरना पड़ता है।

अमेरिका: 50 राज्यों में 50 अलग नियम

अमेरिका में मामला थोड़ा पेचीदा है। पूरे देश में 'एक्टिव यूथेनेशिया' गैर-कानूनी है, लेकिन वाशिंगटन डीसी जैसे 12 राज्यों में कोर्ट ने 'मेडिकल एड इन डाइंग' को मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि लाइलाज बीमारी वाले मरीज को डॉक्टर ऐसी दवा दे सकते हैं जिससे वह अपनी तकलीफ को हमेशा के लिए खत्म कर सके।

चीन: 2022 में बदला एक बड़ा फैसला

चीन में लंबे समय तक इसे 'हत्या' माना जाता था, लेकिन 2022 में एक खास केस के बाद नियमों में ढील दी गई। अब वहां 'पैसिव यूथेनेशिया' को कुछ शर्तों के साथ इजाजत मिल गई है, यानी अगर बचने की उम्मीद न हो तो लाइफ सपोर्ट हटाया जा सकता है।

मिडिल ईस्ट: 'ईश्वर की मर्जी' ही सर्वोपरि

ईरान, तुर्की, जॉर्डन, मिस्र, लेबनान और इराक जैसे देशों में इच्छामृत्यु का ख्याल भी पाप और अपराध माना जाता है। यहां यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है। हालांकि, इजराइल, सऊदी अरब और यूएई में 'पैसिव यूथेनेशिया' पर कोर्ट के फैसलों या सख्त शर्तों के आधार पर विचार किया जा सकता है, लेकिन 'एक्टिव' मौत यहां भी कत्ल मानी जाती है।

भारत में हरीश राणा के साथ क्या हुआ?

भारत में 'एक्टिव यूथेनेशिया' (जहर का इंजेक्शन देना) पूरी तरह गैर-कानूनी है और इसे 'हत्या' या 'आत्महत्या में मदद' माना जाता है, लेकिन हरीश के केस में 'पैसिव यूथेनेशिया' का पालन किया गया। इसका सीधा सा मतलब है अगर कोई मरीज वेंटिलेटर या फीडिंग ट्यूब (खाने की नली) के सहारे ही जिंदा है और उसके ठीक होने की जीरो परसेंट गुंजाइश है, तो उसे उस 'मशीनी जिंदगी' से आजाद कर दिया जाए ताकि उसकी मौत प्राकृतिक रूप से हो सके।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Ghaziabad Horror: 7 साल के बेटे के सामने बाप ने पत्नी और दोस्त को मारी गोली, बोला- 'अब सब ठीक हो जाएगा'
Harish Rana Funeral : तस्वीरों में देखिए हरीश राणा की अंतिम विदाई, पिता ने दिल पर पत्थर रख कही बड़ी बात