होर्मुज़ स्ट्रेट में रहस्यमयी धमाकों के बीच अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में ‘आत्मरक्षा’ के नाम पर मिसाइल साइट्स और ईरानी नावों पर हमला किया। ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने का दावा कर तनाव बढ़ा दिया। ट्रम्प के यूरेनियम बयान के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध और सीक्रेट डील की अटकलें तेज।

वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी नाजुक संघर्ष विराम के बीच सोमवार की रात अचानक युद्ध के बादलों में तब्दील हो गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मरीन और एयर ऑपरेशन्स को निशाना बनाकर 'आत्मरक्षा' में बेहद आक्रामक और रणनीतिक हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है, क्योंकि यह घटनाक्रम ठीक उस समय आया है जब दोनों देश कूटनीतिक मेज पर शांति समझौते की उम्मीदें तलाश रहे थे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

समंदर में बिछाया जा रहा था 'मौत का जाल', CENTCOM का सीक्रेट एक्शन

सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह तनाव तब शुरू हुआ जब ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की दो संदिग्ध नावें रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज़ जलडमरूमध्य में घातक खदानें (Naval Mines) बिछाते हुए पकड़ी गईं। अमेरिकी खुफिया तंत्र की त्वरित सूचना के बाद, CENTCOM ने अपनी सेनाओं को सुरक्षित करने के लिए तुरंत जवाबी कार्रवाई का आदेश दिया।

Scroll to load tweet…

“रक्षात्मक हमला” या नए युद्ध की शुरुआत?

कैप्टन टिम हॉकिन्स (प्रवक्ता, सेंट्रल कमांड): "हम संघर्ष विराम के दौरान अधिकतम संयम बरत रहे हैं, लेकिन अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए खतरे की कगार पर खड़े दुश्मन के मंसूबों को बेअसर करना हमारी प्राथमिकता है।" अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने न केवल उन दोनों नावों को समंदर में नेस्तनाबूद कर दिया, बल्कि बंदर अब्बास में तैनात एक सतह से हवा में मार करने वाली (SAM) मिसाइल लॉन्च साइट को भी मलबे में तब्दील कर दिया, जो अमेरिकी युद्धक विमानों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई थी।

दहला ईरान का तटीय इलाका: तीन जोरदार धमाके और तेहरान की 'करारे जवाब' की धमकी

इस अमेरिकी 'डिफेंसिव स्ट्राइक' के बाद ईरान के तटीय शहरों में हड़कंप मच गया। तस्नीम और फ़ार्स न्यूज़ एजेंसियों के अनुसार, बंदर अब्बास, सीरिक और जास्क के इलाकों में रात के सन्नाटे को चीरते हुए कम से कम तीन भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

Scroll to load tweet…

ईरान का पलटवार दावा और बढ़ती सैन्य चेतावनी

ईरान ने इस कार्रवाई पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। तेहरान ने अमेरिका पर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने और संघर्ष विराम का खुला उल्लंघन करने का आरोप लगाया। ईरानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में 'दुश्मन की इकाइयों' पर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे अमेरिकी सैन्य जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे किसी भी आगे की आक्रामकता का ऐसा 'करारा जवाब' देंगे जिसे अमेरिका कभी भूल नहीं पाएगा।

ट्रम्प का 'ट्रुथ सोशल' पर एटमी अल्टीमेटम: यूरेनियम सौंपो या…!

इस सैन्य टकराव के बीच, अमेरिकी राजनीति के गलियारों से आए एक बयान ने सस्पेंस को और गहरा कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने 'Truth Social' हैंडल पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है।

ट्रम्प का यूरेनियम बयान बना नया भू-राजनीतिक विस्फोट

ट्रम्प ने साफ किया कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) के पूरे भंडार को या तो नष्ट करने के लिए हर हाल में संयुक्त राज्य अमेरिका को सौंपना होगा, या फिर इसे एक अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी संस्था की देखरेख में नष्ट करना होगा। यह बयान एक वरिष्ठ अधिकारी के उस खुलासे के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान "सैद्धांतिक रूप से" बातचीत के तहत अपना यूरेनियम भंडार छोड़ने को तैयार हो गया है। अब देखना यह है कि बारूद की इस नई गूंज के बीच कूटनीति की यह नाजुक डोर टिक पाती है या क्षेत्र एक बड़े युद्ध की आग में झुलस जाता है।