FASTag के बाद आया नया सिस्टम, बिना रुके कटेगा टोल टैक्स

Published : Jun 23, 2026, 06:01 PM IST
india first barrier free toll system haryana mlff fastag

सार

हरियाणा में देश के पहले बैरियर-फ्री टोल सिस्टम का ट्रायल शुरू हो गया है। MLFF तकनीक के जरिए अब बिना रुके टोल कटेगा। जानिए यह सिस्टम कैसे काम करेगा, FASTag की क्या भूमिका होगी और वाहन चालकों को किन नियमों का पालन करना होगा।

भारत में सड़क और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हरियाणा में देश के पहले बैरियर-फ्री टोल सिस्टम का ट्रायल शुरू हो गया है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में देशभर के टोल प्लाजा की तस्वीर बदल सकती है। इस नई व्यवस्था का मकसद टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को खत्म करना और यात्रियों को बिना रुके सफर करने की सुविधा देना है।

अब तक FASTag ने टोल भुगतान की प्रक्रिया को काफी आसान बनाया था, लेकिन वाहनों को बैरियर खुलने तक अपनी गति धीमी करनी पड़ती थी। नई तकनीक में यह जरूरत भी खत्म हो जाएगी। वाहन अपनी सामान्य रफ्तार से गुजरेंगे और टोल शुल्क स्वतः कट जाएगा।

क्या है बैरियर-फ्री टोल सिस्टम?

नई व्यवस्था को मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम कहा जाता है। यह तकनीक हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और FASTag आधारित RFID सेंसर पर काम करती है। जैसे ही कोई वाहन टोल प्वाइंट से गुजरता है, कैमरे उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं और RFID सेंसर FASTag की पहचान कर लेते हैं। इसके बाद संबंधित खाते से टोल शुल्क स्वतः कट जाता है। पूरी प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है और वाहन को कहीं रुकना नहीं पड़ता।

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

बैरियर-फ्री टोल सिस्टम से हाईवे यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। टोल प्लाजा पर लंबी कतारों की समस्या कम होगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा। इसके अलावा, वाहनों को बार-बार रोकने और चलाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ईंधन की खपत कम होगी। कम फ्यूल खर्च होने से प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस परियोजना को भविष्य की स्मार्ट टोलिंग व्यवस्था के रूप में देख रहा है।

वाहन मालिकों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?

नई प्रणाली का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिकों का FASTag सक्रिय होना जरूरी होगा। FASTag में पर्याप्त बैलेंस भी होना चाहिए, ताकि टोल भुगतान में कोई बाधा न आए। साथ ही, वाहन की नंबर प्लेट साफ और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि कैमरा नंबर प्लेट को पढ़ने में असफल रहता है या FASTag काम नहीं करता है, तो वाहन मालिक पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

पूरे देश में लागू हो सकती है व्यवस्था

हरियाणा में शुरू हुआ यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो आने वाले समय में देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैरियर-फ्री टोलिंग लागू की जा सकती है। इससे भारत का हाईवे नेटवर्क अधिक स्मार्ट, तेज और डिजिटल बनेगा, जो आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Padma Awards 2026: अलका याग्निक और ममूटी समेत 65 हस्तियों को पद्म सम्मान
लखनऊ अग्निकांड से देशभर में हड़कंप: सामने आया गोरखपुर से भोपाल तक का डरावना सच