INS विक्रांत-विक्र्रमादित्य पर तैनात होंगे नए ‘समुद्री शिकारी’! भारत बना रहा समुद्र का सबसे खतरनाक हथियार

Published : Mar 24, 2026, 07:02 AM IST

भारत 40,000 करोड़ में 8 नई पीढ़ी के कॉर्वेट और AIP पनडुब्बियों के साथ नेवी को मजबूत कर रहा है। राफेल मरीन जेट भी शामिल-यह डील भारत की समुद्री ताकत और आत्मनिर्भर रक्षा को नई ऊंचाई देगी। आखिर क्यों इस डील को सबसे सीक्रेट और गेम-चेंजर डील कहा जा रहा है?

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Indian Navy Deal 40000 Crore: भारत अपनी नौसेना (Indian Navy modernization) को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। करीब 40,000 करोड़ रुपये की डील के तहत भारत 8 नई पीढ़ी के कॉर्वेट (NGC) बनाने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट अभी Cabinet Committee on Security (CCS approval) के पास मंजूरी के लिए गया है और माना जा रहा है कि जल्द ही इसे हरी झंडी मिल सकती है।

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क्या होते हैं NGC कॉर्वेट और क्यों हैं ये इतने खास?

कॉर्वेट छोटे लेकिन बेहद तेज और खतरनाक युद्धपोत होते हैं। ये फ्रिगेट और डेस्ट्रॉयर से छोटे होते हैं, लेकिन इनकी ताकत को कम नहीं आंका जा सकता। लगभग 3,000 टन वजन और 30 नॉट की स्पीड के साथ ये दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों पर हमला करने में माहिर होते हैं। इन पर मिसाइल, गन और एयर डिफेंस सिस्टम लगाए जा सकते हैं। सबसे खास बात—इनका बड़ा हिस्सा पूरी तरह स्वदेशी (Indigenous defense India) होगा, जिससे “आत्मनिर्भर भारत” मिशन को मजबूती मिलेगी।

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क्या AIP पनडुब्बियां समुद्र के नीचे गेम बदल देंगी?

नई पनडुब्बियों में AIP (Air Independent Propulsion) तकनीक होगी। इसका मतलब ये है कि पनडुब्बी को बार-बार सतह पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • पहले क्या होता था?

डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को हर कुछ दिन में ऊपर आना पड़ता था, जिससे दुश्मन उन्हें पकड़ सकता था।

  • अब क्या होगा?

AIP टेक्नोलॉजी से पनडुब्बी हफ्तों तक पानी के नीचे छिपकर ऑपरेशन कर सकती है। यही वजह है कि इसे Stealth Technology का गेमचेंजर कहा जा रहा है।

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भारत में ही बनेंगी ये पनडुब्बियां-कितना बड़ा है फायदा?

इस प्रोजेक्ट में Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) अहम भूमिका निभाएगा। यहां पनडुब्बियों का निर्माण, टेस्टिंग और डिलीवरी सब कुछ होगा। इससे भारत को मिलेगा:

  • विदेशी तकनीक का ट्रांसफर
  • लोकल इंडस्ट्री को बढ़ावा
  • रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
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क्या पाकिस्तान के MILGEM कॉर्वेट से मुकाबले की तैयारी है?

पाकिस्तान पहले ही MILGEM (Babur Class Corvette) हासिल कर चुका है। ये भी लगभग 3,000 टन के आधुनिक युद्धपोत हैं। अब भारत का NGC प्रोजेक्ट सीधे तौर पर इस चुनौती का जवाब माना जा रहा है। यानी समुद्र में India vs Pakistan Naval Power Balance तेजी से बदल सकता है। भारत ने फ्रांस से 26 Rafale Marine Jets खरीदने की डील भी की है। ये विमान INS Vikrant और INS Vikramaditya पर तैनात होंगे।

खास बात: ये पुराने MiG-29K की जगह लेंगे और ज्यादा एडवांस स्ट्राइक क्षमता देंगे।

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कब तक मिलेगा इसका पूरा फायदा?

  • 2026-27: प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावना।
  • 2030: पहला कॉर्वेट नौसेना में शामिल।
  • हर साल: एक नया युद्धपोत शामिल हो सकता है। जिसके बाद भारत समुद्र का सुपरपावर बनने की राह पर आगे बढ़ जाएगा। इस पूरी योजना को देखें तो साफ है कि भारत सिर्फ रक्षा नहीं, बल्कि समुद्री दबदबा (Maritime Dominance) बनाने की तैयारी कर रहा है।
  • 40,000 करोड़ की कॉर्वेट डील
  • AIP पनडुब्बियां
  • राफेल मरीन जेट

ये तीनों मिलकर भारत को आने वाले समय में हिंद महासागर का सबसे ताकतवर खिलाड़ी बना सकते हैं।

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