UN में फिर आमने-सामने भारत-पाकिस्तान, PoK पर पाक को भारत ने फिर लताड़ा!

Published : Oct 25, 2026, 04:18 PM IST
india slams pakistan un kashmir minority rights climate justice

सार

India Pakistan UN Clash: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को कश्मीर और अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर घेरा। भारत ने PoK खाली करने की मांग दोहराई और जलवायु न्याय व स्वतंत्र न्यायपालिका पर अपना पक्ष रखा।

संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। भारत ने पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए करने का आरोप लगाया और जम्मू-कश्मीर को लेकर अपना रुख दोहराया। भारतीय राजनयिकों ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। साथ ही, भारत ने जलवायु न्याय और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर अपनी प्रतिबद्धता सामने रखी।

UN में भारत का पाकिस्तान को जवाब, PoK खाली करने की मांग

संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में भारत के स्थायी मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी राघू पुरी ने पाकिस्तान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। उन्होंने पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को खाली करने की मांग की।

पुरी ने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधियों को अपने देश के नागरिकों की भलाई और अल्पसंख्यक हिंदुओं के अधिकारों पर ध्यान देना चाहिए।

यह भी पढ़ें: Harry Potter जैसा दिखा अल्बानिया का ये VIDEO! पुलिस पर बरसे आतिशबाजी के रॉकेट

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी उठाए सवाल

भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भाविका मंगलानंदन ने धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता पर विशेष प्रतिवेदक के साथ चर्चा के दौरान एक रिपोर्ट के दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान धार्मिक भेदभाव से जुड़ी रिपोर्ट में विकासशील देशों पर अधिक ध्यान दिया गया, जबकि विकसित देशों में हुई ऐसी घटनाओं को पर्याप्त रूप से नहीं देखा गया।

वहीं, राघू पुरी ने कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना संबंधित देश की संप्रभु जिम्मेदारी है। उन्होंने भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक व भाषाई अल्पसंख्यकों को संविधान से मिले संरक्षण का उल्लेख किया।

जलवायु न्याय से न्यायपालिका तक, UN में भारत ने रखा पक्ष

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के अपने दृष्टिकोण को भी सामने रखा। उप सचिव बरखा ताम्रकार ने कहा कि जलवायु संकट विकास, आजीविका और मानवाधिकारों को प्रभावित करने वाली गंभीर वैश्विक चुनौती है।

उन्होंने जलवायु न्याय, समानता और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। साथ ही, संविधान, पर्यावरण कानूनों, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और स्वतंत्र न्यायपालिका की भूमिका पर जोर दिया। भारत ने यह भी बताया कि न्यायिक प्रशिक्षण और संस्थागत व्यवस्थाओं के जरिए न्यायपालिका की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है। इस तरह संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों के साथ पर्यावरण और न्यायिक व्यवस्था पर भी अपना पक्ष रखा।

यह भी पढ़ें: ट्रंप की ऐसी खिंचाई पहले नहीं देखी होगी! ईरान युद्ध पर ये क्या बोल गए ओबामा?

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

केरल में जज के 17 साल के बेटे ने ऐसी दौड़ाई मर्सिडीज, एक युवक को स्पॉट पर ही मार डाला
दिव्या मित्तल की पार्टी UP की सभी 403 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, पूर्व IAS ने बताया चुनावी एजेंडा