
बेंगलुरु: दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में सेवा दे रहीं भारतीय सेना की अधिकारी मेजर स्वाति शांत कुमार को यूएन महासचिव पुरस्कार मिला है। बेंगलुरु की रहने वाली स्वाति को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उनके 'इक्वल पार्टनर्स, लास्टिंग पीस' प्रोजेक्ट के लिए दिया गया। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रविवार को इस पुरस्कार की घोषणा की।
यूएन ने कहा कि मेजर स्वाति की रणनीतिक कार्रवाइयों ने लगभग 5,000 महिलाओं के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाया, जिससे उन्हें दक्षिण सूडान के संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय शांति प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने में मदद मिली। मेजर स्वाति के नेतृत्व वाली भारतीय एंगेजमेंट टीम ने जमीनी स्तर पर सुरक्षा को मजबूत करने और समुदाय में आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। स्वाति को यह पुरस्कार दुनिया भर के शांति सैनिकों के बीच हुए एक कड़े मुकाबले वाले वोटिंग के बाद मिला है।
भारतीय टीम ने नदी के किनारे गश्त और हवाई गश्त सहित छोटी और लंबी दूरी की कई गश्तें कीं और दक्षिण सूडान के सबसे दूर-दराज और हिंसा प्रभावित इलाकों तक पहुंची। समारोह में बोलते हुए, महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस प्रोजेक्ट की तारीफ की। स्वाति की मां और रिटायर्ड हेडमिस्ट्रेस राजामणि ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की कोशिशों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने पर खुशी है। स्वाति ने 2018 में चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) से अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग में दो साल तक लेफ्टिनेंट के रूप में काम किया। इसके बाद, उन्होंने लद्दाख के लेह जिले के कारू गांव में दो साल तक कैप्टन के रूप में सेवा दी। दक्षिण सूडान में तैनाती से पहले उन्होंने एक साल गुजरात में भी काम किया।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।