Bilaspur Tantra Mantra Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक आरोपी को जमानत दिलाने के लिए चार लोगों ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पर ही जादू-टोना करने की कोशिश की. पुलिस ने चारों को श्मशान घाट से गिरफ्तार कर लिया है.
Chhattisgarh Crime News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने अंधविश्वास और कानून के बीच की अजीब कड़ी को उजागर कर दिया है। आरोप है कि चार लोगों ने जेल में बंद एक आरोपी को जमानत दिलाने के लिए आधी रात श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र किया। हैरानी की बात यह थी कि इस कथित अनुष्ठान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तस्वीर रखी गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चारों को गिरफ्तार कर लिया।
चाकूबाजी के आरोपी को छुड़ाने की थी कोशिश
पूरा मामला एक चाकूबाजी के केस से जुड़ा बताया जा रहा है। इस मामले में एक आरोपी जेल में बंद है और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कुछ साथियों ने उसे कानूनी प्रक्रिया के जरिए राहत मिलने का इंतजार करने के बजाय कथित तौर पर तंत्र-मंत्र का सहारा लेने की कोशिश की। उनका उद्देश्य किसी तरह जमानत का फैसला अपने पक्ष में करवाना बताया जा रहा है।
आधी रात श्मशान घाट में जुटे चार लोग
बताया जा रहा है कि चारों आरोपी देर रात बिलासपुर के एक श्मशान घाट पहुंचे। वहां उन्होंने चीफ जस्टिस की तस्वीर सामने रखी और पूजा-पाठ के साथ कथित तौर पर तंत्र-मंत्र शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, मौके पर अनुष्ठान से जुड़ी कुछ सामग्री भी मौजूद थी। पूरी घटना ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस ने दबोचा
आरोपियों की इस कथित गतिविधि की जानकारी किसी तरह पुलिस तक पहुंच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम श्मशान घाट पहुंची और चारों को मौके से पकड़ लिया। पुलिस ने वहां से चीफ जस्टिस की तस्वीर के अलावा पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद करने का दावा किया है। इसके बाद सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
जमानत के लिए अपनाया अजीब रास्ता
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस आरोपी की जमानत के लिए कथित तौर पर यह पूरा अनुष्ठान किया जा रहा था, उसके मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई होनी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित तौर पर फैसला प्रभावित करने के लिए अंधविश्वास का सहारा लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी योजना के पीछे कौन था और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
जांच में सामने आएंगे कई सवालों के जवाब
बिलासपुर की यह घटना कानून व्यवस्था और अंधविश्वास से जुड़े कई सवाल खड़े करती है। पुलिस की जांच में अब यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि चारों आरोपियों की भूमिका क्या थी और उनका चाकूबाजी के मामले में बंद आरोपी से क्या संबंध है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने लोगों को हैरान कर दिया है कि जमानत जैसे कानूनी मामले में भी कुछ लोग कथित तौर पर तंत्र-मंत्र का सहारा लेने से पीछे नहीं हटे।
