Ethiopia India Defence Ties: BRICS में शनिवार को Modi की Ethiopia और Malaysia के नेताओं संग बैठकों में रक्षा सहयोग, निवेश और उभरती तकनीकों पर फोकस रहा। Ethiopia ने भारतीय खनन कंपनियों का स्वागत किया, जबकि Malaysia ने सेमीकंडक्टर और BrahMos में रुचि दोहराई।
Malaysia India semiconductor: भारत की बढ़ती रक्षा साझेदारियों और हथियार निर्यात के बीच BRICS शिखर सम्मेलन में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्विपक्षीय बैठकों ने नई दिशा पकड़ी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, Ethiopia और Malaysia के नेताओं के साथ हुई बातचीत में रक्षा सहयोग, निवेश और उभरती तकनीकों को प्राथमिकता दी गई।
दोनों देशों ने भारत के साथ रक्षा प्रशिक्षण, संयुक्त कर्मी प्रशिक्षण और भारतीय कंपनियों से रक्षा उपकरण खरीदने में रुचि दिखाई। इसे ग्लोबल साउथ में भारत की एक विश्वसनीय, किफायती और तकनीक आधारित रक्षा साझेदार के रूप में बढ़ती भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
Ethiopia और Malaysia ने दिखाई भारत के रक्षा सहयोग में दिलचस्पी
प्रधानमंत्री मोदी की Ethiopia के प्रधानमंत्री Abiy Ahmed और Malaysia के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim के साथ हुई बैठकों में रक्षा सहयोग अहम मुद्दा रहा। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों ने भारत से रक्षा उपकरण खरीदने के साथ-साथ प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
भारत लंबे समय से सिर्फ हथियार बेचने के बजाय साझेदार देशों के साथ प्रशिक्षण, तकनीक और रक्षा क्षमता निर्माण पर भी जोर देता रहा है। BRICS के दौरान हुई इन बैठकों ने इस रणनीति को और मजबूती दी है।
एशिया से अफ्रीका तक बढ़ रही भारतीय हथियारों की मांग
भारतीय रक्षा उपकरणों की मांग अब एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। BrahMos मिसाइल, Akash एयर डिफेंस सिस्टम, Pinaka रॉकेट लॉन्चर और दूसरे स्वदेशी प्लेटफॉर्म कई देशों का ध्यान खींच रहे हैं।
Philippines ने पहले ही तीन तटीय एंटी-शिप मिसाइल बैटरियों के लिए करीब 375 मिलियन डॉलर का BrahMos अनुबंध किया था। वहीं Armenia ने Pinaka, Akash-1S, ATAGS और Swathi Weapon Locating Radar सहित कई भारतीय रक्षा प्रणालियां खरीदी हैं।
Thailand और Malaysia जैसे देश भी BrahMos सिस्टम में रुचि दिखा चुके हैं। वहीं Nigeria और Egypt ने भारत के Tejas लड़ाकू विमान को लेकर दिलचस्पी जताई है।
Indonesia से Vietnam तक BrahMos की बढ़ती पहुंच
भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल BrahMos को लेकर कई देशों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। जुलाई 2026 में Jakarta द्वारा भारत के साथ BrahMos से जुड़ी व्यवस्था को अंतिम रूप देने और Astra मिसाइल सहयोग समझौते की खबरों ने भारतीय रक्षा निर्यात पर ध्यान बढ़ाया।
Vietnam के साथ भी BrahMos सहयोग को लेकर चर्चा और भारतीय पुष्टि सामने आ चुकी है, हालांकि इसके विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। UAE, Chile, Brazil और Saudi Arabia से भी BrahMos को लेकर शुरुआती स्तर की दिलचस्पी सामने आने की बात कही गई है।
Ethiopia में खनन के साथ रक्षा सहयोग के नए अवसर
प्रधानमंत्री मोदी और Ethiopia के प्रधानमंत्री Abiy Ahmed के बीच बातचीत में आर्थिक सहयोग और निवेश के नए अवसरों पर जोर दिया गया। Ethiopia ने भारतीय खनन कंपनियों की अधिक भागीदारी का स्वागत किया।
इसके साथ ही रक्षा क्षेत्र में संयुक्त प्रशिक्षण और भारत से रक्षा उपकरण खरीदने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। खनन क्षेत्र में बढ़ता सहयोग भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर खोल सकता है और अफ्रीका में भारत की आर्थिक मौजूदगी को मजबूत कर सकता है।
Malaysia के साथ सेमीकंडक्टर से लेकर BrahMos तक चर्चा
Malaysia के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में सेमीकंडक्टर, रक्षा और निवेश प्रमुख एजेंडा रहे। Malaysia सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभर रहा है।
दोनों देश तकनीक, कुशल कार्यबल और सप्लाई चेन को मजबूत करने समेत सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में Malaysia की BrahMos, खासकर Su-30 विमान के लिए एयर-लॉन्च वर्जन में दिलचस्पी, दोनों देशों के रक्षा-औद्योगिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
हिंद महासागर क्षेत्र में भी मजबूत हो रही भारत की सुरक्षा साझेदारी
भारत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ भी रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ा रहा है। Maldives, Mauritius, Mozambique, Myanmar, Seychelles और Sri Lanka को भारत की ओर से गश्ती विमान, पोत, हेलीकॉप्टर और रडार जैसी क्षमताओं में सहयोग मिला है।
इस तरह भारत की रणनीति सिर्फ हथियारों के निर्यात तक सीमित नहीं है। रक्षा उपकरण, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा साझेदारी के जरिए भारत ग्लोबल साउथ में अपनी भूमिका लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
BRICS मंच से भारत को मिल रहा नया रणनीतिक मौका
BRICS Summit के दौरान Ethiopia और Malaysia के साथ हुई चर्चाएं दिखाती हैं कि भारत रक्षा निर्यात के साथ-साथ निवेश, उभरती तकनीक और औद्योगिक साझेदारी को एक साथ आगे बढ़ाना चाहता है।
BrahMos और दूसरे स्वदेशी हथियारों में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि के बीच भारत के लिए यह एक बड़ा अवसर हो सकता है। आने वाले समय में इन बैठकों से कितने ठोस रक्षा सौदे निकलते हैं, इस पर नजर रहेगी।
