
मध्य प्रदेश के इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से एक तीन मंजिला घर में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई और 4 लोग घायल हो गए। हादसे में मरने वालों में शहर के कारोबारी मनोज पुगलिया समेत उनके परिवार के 7 लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह आग इसलिए विकराल हुई कि घर में रखे दर्जनभर गैस सिलेंडर उसकी चपेट में आ गए और इसके बाद एक के बाद एक कई सिलेंडर फटे, जोरदार धमाके से आग और भड़क गई। देखते ही देखते तीन मंजिला पूरा घर जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक कार के चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से घर की पूरी लाइट बंद हो गई। कारोबारी ने घर में सुरक्षा के उद्देशय से सेफ्टी डिवाइड यानि डिजिटल लॉक लगाए थे। लेकिन बिजली गुल होने की वजह से यह #SafertyDevice लॉक हो गए और सभी लोग घर के अंदर फंसे रह गए। ईवी कार..इलेक्ट्रॉनिक सेफ्टी डिवाइस.. जैसी सहूलियत ही बनी जान जाने की वजह...अगर सामन्य लॉक होते तो परिवार उनको खोलकर बाहर आ सकता था।
1. इंदौर का यह कार अग्निकांड कई लोगों के लिए सावधान करता है। खासकर ऐसे लोगों को जो इलेक्ट्रिक कार या बाइक्स-स्कूटी में रात भर चार्जिंग लगाकर छोड़ देते हैं। इससे चार्जिंग ओवर हो जाती है और शॉर्ट सर्किट की वजह से ऐसे हादसे होने की संभावना है।
2. इंदौर में इस अग्निकांड की दूसरी बड़ी वजह है एलपीजी गैस सिलेंडर...ध्यान रखें घर में इतनी संख्या में सिलेंडर भरकर नहीं रखे। एक या दो सिलेंडर का स्टोर करना ठीक है। लेकिन 12 से 15 सिलेंडर रखना यानि खतरे को बुलाना है। अगर कारोबारी मनोज पुगलिया इतनी संख्या में सिलेंडर नहीं रखते तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। क्योंकि गैस धमाके के बाद ही आग ने विकराल रूप धारण किया था।
3 इंदौर के अग्निकांड हादसे की तीसरी वजह है इलेक्ट्रॉनिक सेफ्टी डिवाइस...अगर घर में यह डिजिटल डिवाइज नहीं होती तो शायद सभी लोग अंदर से बाहर निकल पाते। लेकिन डिवाइज के लॉक होने की वजह से पूरा परिवार घर के अंदर फंस गया और जलकर मौत हो गई। इसलिए आप इस तरह की डिवाइज लगाएं तो घर में कोई दूसरी एंट्री भी सामान्य रखें, जो इमरजैंसी में काम आ सके।
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