
भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर दिया। इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन सड़क परियोजना को लेकर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि निर्माण में “प्लास्टिक के सरिये” लगाए जा रहे हैं। पहली नजर में यह दावा चौंकाने वाला लगा, लेकिन जब इस पूरे मामले की जांच हुई तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
विभागीय अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण किया और साफ किया कि निर्माण में प्लास्टिक का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसके बजाय GFRP (ग्लास फाइबर रीइनफोर्स्ड पॉलिमर) के सरियों का उपयोग किया जा रहा है, जो एक आधुनिक और प्रमाणित तकनीक का हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक, वायरल वीडियो में दिखाई गई जानकारी अधूरी और भ्रामक है, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश गया।
यह भी पढ़ें: VIDEO: फेस पैक लगाकर मीटिंग में पहुंची लड़की… बॉस ने पूछा ऐसा सवाल, सब हंस पड़े
GFRP यानी ग्लास फाइबर रीइनफोर्स्ड पॉलिमर एक नई पीढ़ी की निर्माण सामग्री है। इसे कांच के फाइबर और पॉलिमर रेजिन से बनाया जाता है। आसान भाषा में कहें तो यह “फाइबर सरिया” है, जो पारंपरिक लोहे के सरियों का आधुनिक विकल्प बनकर सामने आया है।
इसकी खासियतें इसे अलग बनाती हैं:
इसी वजह से इसका इस्तेमाल अब पुल, फ्लाईओवर, समुद्री क्षेत्र, पानी की टंकियों, सीवेज प्लांट और मेट्रो प्रोजेक्ट्स में तेजी से बढ़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या इस तरह की सामग्री का उपयोग सुरक्षित है? इसका जवाब भी विशेषज्ञों ने साफ कर दिया है।
सड़क निर्माण के लिए मानक तय करने वाली संस्था इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) ने अपने IRC कोड 137: 2022 में GFRP सरियों के इस्तेमाल को सुरक्षित, प्रमाणित और अनुशंसित बताया है। यानी यह कोई एक्सपेरिमेंट नहीं, बल्कि तय गाइडलाइन्स के तहत किया जा रहा काम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कई परिस्थितियों में GFRP पारंपरिक स्टील से बेहतर साबित हो रहा है। खासकर जहां जंग लगने की संभावना ज्यादा होती है, वहां यह ज्यादा टिकाऊ विकल्प है। हालांकि, हर जगह इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्रोजेक्ट की जरूरत और तकनीकी मापदंडों के अनुसार ही इसका चयन होता है।
सोशल मीडिया के दौर में अधूरी जानकारी बहुत तेजी से फैलती है। इस मामले में भी “प्लास्टिक के सरिये” जैसा शब्द इस्तेमाल कर वीडियो को सनसनीखेज बना दिया गया, जबकि तकनीकी सच्चाई बिल्कुल अलग थी।
इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन परियोजना में किसी तरह की घटिया सामग्री या प्लास्टिक का उपयोग नहीं हो रहा है। बल्कि यहां आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त GFRP तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सड़क निर्माण के भविष्य की दिशा तय कर रही है। इस तरह के मामलों में जरूरी है कि हम वायरल वीडियो पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें, ताकि गलतफहमियों से बचा जा सके।
यह भी पढ़ें: वाराणसी में गंगा के बीच इफ्तार… VIDEO सामने आया, ‘हड्डियां फेंकने’ के आरोप से मचा बवाल
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।