
Iran-US War Daily Cost: 28 फरवरी से ईरान के साथ शुरू हुई अमेरिका की जंग अब उसे काफी भारी पड़ रही है। जवाबी हमलों के कारण अमेरिका को न सिर्फ सैन्य उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि वॉर ऑपरेशन पर भी भारी खर्च करना पड़ा है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) की नई रिसर्च के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के शुरुआती 100 घंटों यानी 4 दिन में ही करीब 3.7 अरब डॉलर (लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये) खर्च हो चुके हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस खर्च का बड़ा हिस्सा पहले से तय रक्षा बजट में शामिल नहीं था।
CSIS के रिसर्चर्स मार्क कैंसियन और क्रिस पार्क के एनालिसिस के मुताबिक, ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को हर दिन लगभग 891.4 मिलियन डॉलर (8193.74 करोड़ रुपए) का खर्च उठाना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा खर्च एडवांस्ड हथियारों के इस्तेमाल और स्टेल्थ बॉम्बर्स जैसे एडवांस्ड सैन्य सिस्टम्स की तैनाती पर हुआ है। इन बॉम्बर्स की मदद से अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े हमले किए, जिनमें कथित तौर पर ईरान की अंडरग्राउंड मिसाइल फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा। हालांकि, ईरान के जवाबी हमलों को रोकने के लिए मिसाइल डिफेंस सिस्टम और अन्य सैन्य उपायों पर भी अमेरिका को भारी रकम खर्च करनी पड़ी।
रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के पहले 100 घंटों के दौरान अमेरिकी सेना ने 2000 से अधिक भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। इन हथियारों की भरपाई (रीप्लेसमेंट) करने में करीब 3.1 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। अगर इन हथियारों को तुरंत दोबारा नहीं भरा गया, तो हर दिन लगभग 758.1 मिलियन डॉलर (6968 करोड़ रुपए) का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। रिसर्चर्स ने बताया कि यह कैलकुलेशन अमेरिकी सैन्य यूनिट्स की ऑपरेटिंग और सपोर्ट लागत के लिए कांग्रेशनल बजट ऑफिस (CBO) के अनुमानों पर आधारित है। इसके अलावा युद्ध के दौरान बढ़ी हुई गतिविधियों यानी हाई ऑपरेशनल टेम्पो को देखते हुए लगभग 10% अतिरिक्त खर्च भी जोड़ा गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती 3.7 बिलियन डॉलर के कुल खर्च में से लगभग 3.5 बिलियन डॉलर पहले से बजट में शामिल नहीं थे। इसका मतलब है कि अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन को जल्द ही कांग्रेस से अतिरिक्त फंड की मांग करनी पड़ सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में अतिरिक्त बजट पास कराना आसान नहीं होगा, क्योंकि अमेरिका में कई विपक्षी नेता इस युद्ध का विरोध कर रहे हैं। इससे ट्रम्प प्रशासन के लिए आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती बढ़ सकती है।
CSIS की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ संघर्ष के शुरुआती दिनों में अमेरिकी सेना ने बड़े पैमाने पर सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया। युद्ध के दौरान लगातार ऑपरेशन, हथियारों की तैनाती और सुरक्षा उपायों ने अमेरिकी खर्च को तेजी से बढ़ा दिया। रिपोर्ट बताती है कि केवल पहले 100 घंटों में ही अमेरिका को अरबों डॉलर खर्च करने पड़े, जिससे यह सैन्य अभियान आर्थिक रूप से भी भारी पड़ता नजर आ रहा है।
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