Sanae Takaichi: देश चलाने के साथ घर भी संभालती हैं जापान की PM, बोलीं- पुरुषों से 3-4 घंटे ज्यादा लगता है समय

Published : Oct 16, 2026, 10:59 AM ISTUpdated : Oct 16, 2026, 11:14 AM IST
Japan PM Sanae Takaichi Household Chores

सार

Japan PM Sanae Takaichi Household Chores: जापान की PM साने ताकाइची देश चलाने के साथ घर के काम भी संभालती हैं। आखिर क्यों उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधानमंत्रियों से 3-4 घंटे ज्यादा समय लगता है? जानिए

Japan PM Sanae Takaichi: जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने काम और घर की जिम्मेदारियों को लेकर ऐसी बात कही है, जिसने महिलाओं के वर्कलोड और वर्क-लाइफ बैलेंस पर नई चर्चा छेड़ दी है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की व्यस्त दिनचर्या के साथ घर के काम भी संभालने पड़ते हैं। सुबह नहाने, नाश्ता बनाने, बर्तन धोने और मेकअप करने जैसे कामों में उनका काफी समय निकल जाता है। ताकाइची के मुताबिक, इन जिम्मेदारियों के चलते उन्हें पुरुष प्रधानमंत्रियों की तुलना में रोजाना तीन से चार घंटे ज्यादा खर्च करने जैसा महसूस होता है।

घर के काम और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी, कितना बढ़ जाता है वर्कलोड?

साने ताकाइची ने संसद में अपनी दिनचर्या का जिक्र करते हुए बताया कि देश चलाने से जुड़ी जिम्मेदारियों के अलावा घर के काम भी उनके शेड्यूल का हिस्सा हैं। उनकी इस टिप्पणी ने एक अहम सवाल खड़ा किया है, क्या बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी महिलाओं को घरेलू जिम्मेदारियों का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है? ताकाइची की बात सिर्फ उनकी निजी दिनचर्या तक सीमित नहीं है। यह कामकाजी महिलाओं के सामने आने वाली उस चुनौती की ओर भी ध्यान खींचती है, जिसमें नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालना आसान नहीं होता।

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सिर्फ 2 से 4 घंटे की नींद, काम के दबाव पर क्या बोलीं PM?

ताकाइची पहले भी अपने काम के दबाव और कम नींद को लेकर चर्चा में रही हैं। उन्होंने एक संसदीय समिति की बैठक में बताया था कि वह इन दिनों रात में करीब दो घंटे सोती हैं और अधिकतम चार घंटे तक नींद ले पाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसका असर उनकी त्वचा पर पड़ सकता है। उनकी कार्यशैली को लेकर उस समय भी सवाल उठे थे, जब उन्होंने अपने सहयोगियों को सुबह करीब 3 बजे बैठक के लिए बुलाया था। इस कदम के बाद कर्मचारियों के काम के घंटों और आराम को लेकर चिंता जताई गई। हालांकि, ताकाइची ने कहा था कि कर्मचारियों की कार्यस्थितियों में बदलाव करते समय उनकी सेहत को प्राथमिकता दी जाएगी।

संसद के लंबे सत्र और देर रात तक काम, क्या है असली चुनौती?

ताकाइची की यह बात ऐसे समय सामने आई है, जब जापान में प्रधानमंत्री के कामकाज और संसद में बिताए जाने वाले लंबे समय पर भी चर्चा हो रही है। जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में जापान के प्रधानमंत्री ने 72 दिन संसदीय सत्रों में बिताए थे। तुलना में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के लिए यह आंकड़ा 50 दिन और जर्मनी के चांसलर के लिए 13 दिन बताया गया।

ताकाइची ने जुलाई में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी बताया था कि वह देर रात तक घर लाई गई फाइलें और संसद में पूछे जाने वाले सवालों से जुड़े दस्तावेज पढ़ती रहती हैं। उन्होंने माना कि काम के बीच देश के भविष्य और अपनी नीतियों की दिशा पर शांति से सोचने के लिए पर्याप्त समय निकालना मुश्किल हो रहा है।

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वर्क-लाइफ बैलेंस पर क्यों हो रही है चर्चा?

साने ताकाइची अक्टूबर 2025 में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उनकी हालिया टिप्पणी ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि क्या महिलाओं को पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ घरेलू कामों का अतिरिक्त बोझ भी उठाना पड़ता है। उनके बयान का अहम पहलू यही है कि व्यस्त कामकाजी जीवन में समय की कमी सिर्फ ऑफिस के घंटों से तय नहीं होती। घर की जिम्मेदारियां, निजी दिनचर्या और आराम के लिए समय भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि जापान की प्रधानमंत्री की बात अब घरेलू काम, महिलाओं की जिम्मेदारियों और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की बहस से जुड़ गई है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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