IPS Transfer Controversy: नियमों को ताक पर रख IPS का किया ट्रांसफर, गृहमंत्री तक पहुंच गए नाराज DIG

Published : Jun 13, 2026, 12:59 PM IST
IPS Officers

सार

केरल में IPS तबादलों पर विवाद है। IG अधिकारियों ने कैडर नियमों के उल्लंघन की शिकायत की है। खराब प्रदर्शन वाले अफसरों को पोस्टिंग मिलने और कई को नई जिम्मेदारी न दिए जाने से DGP भी नाखुश हैं। 2 DIG ने नई पोस्टिंग लेने से इनकार किया है।

तिरुवनंतपुरम: केरल पुलिस में IPS अधिकारियों के तबादलों को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कैडर नियमों को ताक पर रखकर पोस्टिंग किए जाने की शिकायत लेकर कुछ IG रैंक के अधिकारी DGP के पास पहुंच गए हैं। कहा जा रहा है कि खराब प्रदर्शन वाले कुछ अधिकारियों को जिलों में तैनाती दिए जाने से खुद DGP भी नाखुश हैं। इतना ही नहीं, जिन तीन SP को जिलों से हटाया गया, उन्हें अब तक कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वहीं, ट्रांसफर किए गए DIG के. कार्तिक और टी. नारायणन ने निजी वजहों का हवाला देते हुए नई पोस्टिंग लेने में असमर्थता जताई है।

UDF सरकार के सत्ता में आने के बाद से दो बार IAS अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं। लेकिन मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के बीच लंबी बातचीत के चलते IPS अधिकारियों की लिस्ट अटकी हुई थी। दिल्ली में हुई बैठकों के बाद बुधवार देर रात पुलिस में फेरबदल का जो पहला आदेश जारी हुआ, उस पर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि ऊंचे पदों पर हुए बदलाव तो ठीक हैं, लेकिन निचले स्तर पर सरकार से चूक हो गई है।

कुछ IG अधिकारियों की शिकायत है कि कोच्चि और तिरुवनंतपुरम कमिश्नर के पद IG रैंक के हैं। लेकिन सरकार ने कोच्चि में तो IG रैंक के अधिकारी कालिराज महेश कुमार को बनाए रखा, जबकि तिरुवनंतपुरम में DIG रैंक के अफसर को कमिश्नर बना दिया। उत्तरी ज़ोन में किसी IG की तैनाती भी नहीं की गई। IG अधिकारियों ने DGP से मिलकर यह भी शिकायत की कि लंबे समय से दक्षिण ज़ोन के IG रहे स्पार्जन कुमार को नहीं हटाया गया, जिससे नए प्रमोट हुए IG रैंक के अधिकारियों को मौका नहीं मिला। यही नहीं, DGP की सिफारिशों में जिन अधिकारियों का नाम नहीं था, वे भी लिस्ट में ज़िला पुलिस प्रमुख बनकर आ गए। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को 'खुश' करने के लिए खराब ट्रैक रिकॉर्ड वाले अफसरों को ज़िलों में पोस्टिंग देनी पड़ी, जिसके चलते जूनियर IPS अधिकारियों को बाहर बैठना पड़ा। तिरुवनंतपुरम रूरल, कोझिकोड रूरल और वायनाड के SP को तो पोस्टिंग के चार महीने के अंदर ही कुर्सी गंवानी पड़ी। वहीं, पालक्काड, कोट्टायम, वायनाड और तिरुवनंतपुरम से हटाए गए अधिकारियों को कोई नई पोस्टिंग भी नहीं दी गई है। DGP ने इस पूरे मामले पर अपनी नाराज़गी गृह मंत्री तक पहुंचा दी है।

इस बीच, जिन DIG अधिकारियों का तबादला हुआ है, वे भी नई जगहों पर जाने से हिचक रहे हैं। त्रिशूर से कन्नूर रेंज भेजे गए टी. नारायणन और तिरुवनंतपुरम कमिश्नर पद से त्रिशूर रेंज भेजे गए के. कार्तिक ने निजी दिक्कतों का हवाला देकर सरकार से अपना ट्रांसफर रद्द करने की मांग की है। सरकार इस मांग पर विचार कर रही है। हो सकता है कि कार्तिक को तिरुवनंतपुरम में ही कोई दूसरी ज़िम्मेदारी दे दी जाए। लेकिन सरकार के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि कन्नूर रेंज में किसे भेजा जाएगा, क्योंकि वहां DIG रैंक के अधिकारियों की कमी है। पुलिस महकमे में यह भी चर्चा है कि गृह मंत्री ने पुलिस सलाहकार से चर्चा के बाद जो लिस्ट फाइनल की थी, उसमें मुख्यमंत्री कार्यालय ने दखल दिया। हालांकि, इस पूरे विवाद पर गृह मंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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