iPhone नहीं, परिवार का टूटता रिश्ता था असली दर्द? महाराष्ट्र की पहाड़ी पर 3 मौतों की नई कहानी

Published : Aug 25, 2026, 11:09 AM IST
maharashtra iPhone EMI Tragedy hill tragedy kunal chandgude family chhatrapati sambhajinagar

सार

क्या iPhone और उसकी EMI नहीं, टूटे परिवार की कलह बनी 3 जिंदगियों का काल? छत्रपति संभाजीनगर की 300 फीट ऊंची पहाड़ी पर चले 3 घंटे के खौफनाक ड्रामे और दर्दनाक अंत की नई कहानी सामने आई।सच जानकर कांप उठेगी रूह!

Sambhajinagar Hill Family Tragedy: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से आई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। खुवाडिया पहाड़ी पर जिस तरह एक हंसता-खेलता परिवार चंद सेकंड में खत्म हो गया, उसकी शुरुआती वजह भले ही कुछ और बताई जा रही थी, लेकिन अब पुलिस और फायर ब्रिगेड की पड़ताल में एक ऐसा नया और दर्दनाक पहलू सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यह कहानी सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि अंदर ही अंदर घुटते एक टूटे हुए परिवार की है।

पहाड़ी पर आखिर क्या हुआ था?

पुलिस और फायर ब्रिगेड के मुताबिक, कुणाल सोमवार सुबह पहाड़ी की चोटी पर पहुंचा था। वह लगातार अपनी जगह बदल रहा था। पुलिस, परिवार और बचाव दल उसे नीचे आने के लिए समझा रहे थे। करीब 300 फीट नीचे पथरीली जमीन थी। इसी दौरान कुणाल के पिता मुरलीधर उसके पास पहुंचे और उसका हाथ पकड़कर उसे बचाने की कोशिश की। तभी दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। कुछ ही देर बाद, अपने पति और बेटे को गिरते देखकर संगीता ने भी छलांग लगा दी।

क्या परिवार के भीतर चल रहा था कोई गहरा तनाव?

अब संगीता के मायके वालों ने परिवार के रिश्तों को लेकर अलग दावा किया है। उनका कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से मतभेद थे और प्रॉपर्टी से जुड़े तनाव ने भी परिवार को प्रभावित किया था। रिश्तेदारों के मुताबिक, कुणाल अपने माता-पिता को साथ देखना चाहता था और उनके बीच सुलह की उम्मीद करता था। परिवार ने उसे पढ़ाई में होनहार बताया।

होनहार बेटे का टूटता सपना और पहाड़ी पर वो खौफनाक 3 घंटे

19 साल का कुणाल चंदगुडे एक बेहद होनहार छात्र था, जिसने CBSE की 10वीं की परीक्षा में 82 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और डॉक्टर बनने (MBBS) का सपना देख रहा था। लेकिन सोमवार की सुबह अचानक वो क्लास जाने के बजाय खुवाडिया पहाड़ी की चोटी पर पहुंच गया। सुबह 10:30 बजे जब उसकी लोकेशन ट्रेस हुई, तो पुलिस, फायर ब्रिगेड और ग्रामीण उसे नीचे उतारने की मिन्नतें करने लगे। कुणाल पहाड़ी के मुहाने पर लगातार अपनी जगह बदल रहा था और जिंदगी व मौत के बीच झूल रहा था।

बचाव की वो आखिरी कोशिश जो बनी मौत का जाल

बचाव दल ने नीचे सेफ्टी नेट बिछाया और कुणाल को समझाने की कोशिश की। इसी दौरान उसके पिता मुरलीधर अपने बेटे को बचाने के लिए पहाड़ी के किनारे पहुंचे और उसका हाथ पकड़कर खींचना चाहा। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था, दोनों का संतुलन बिगड़ गया और पिता-पुत्र 300 फीट गहरी पथरीली खाई में जा गिरे। कुछ ही सेकंड बाद, अपनी आंखों के सामने पति और बेटे को मरते देख बदहवास मां संगीता ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी।

पिता के परिवार की कहानी अलग

मुरलीधर की बहन शोभा राजेंद्र मास्के ने रिश्ते की अलग तस्वीर पेश की। उनके मुताबिक, मुरलीधर और संगीता ने करीब 22 साल पहले लव मैरिज की थी। उन्होंने दावा किया कि शादी को मुरलीधर के माता-पिता की मंजूरी नहीं थी और इसके बाद पारिवारिक रिश्तों में तनाव बना रहा। हालांकि, पड़ोसियों और मुरलीधर के सहकर्मियों ने परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी में किसी बड़े विवाद के संकेत नहीं देखे थे। मुरलीधर करीब 10 साल से ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे और सहकर्मियों ने उन्हें शांत और अनुशासित बताया।

लव मैरिज से शुरू हुई कहानी का खौफनाक अंत

संगीता के मायके वालों का दावा है कि पति-पत्नी के बीच वर्षों से जारी कलह और प्रॉपर्टी के तनाव ने पूरे घर को तबाह कर दिया था। कुणाल केवल अपने माता-पिता के बीच सुलह कराना चाहता था और उन्हें एक साथ देखना चाहता था। वहीं, मुरलीधर की बहन के अनुसार, 22 साल पहले हुई इस लव मैरिज के बाद से ही परिवार में गहरे मतभेद थे। हालांकि, केयरटेकर और पड़ोसियों के लिए मुरलीधर एक शांत ड्राइवर थे और परिवार में कोई बाहरी तनाव नजर नहीं आता था।

बचाने की कोशिश कैसे बदल गई त्रासदी में?

कुणाल सुबह करीब 8 बजे घर से निकला था। संस्थान नहीं पहुंचने पर परिवार को चिंता हुई। करीब 10.30 बजे उसकी लोकेशन पहाड़ी पर मिली और पुलिस को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर उसे समझाने की कोशिश की और नीचे सुरक्षा जाल भी लगाया। लेकिन बचाव अभियान के दौरान पिता की कोशिश ही हादसे में बदल गई। तीनों की मौत के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए

मासूम 'शेरू' का इंतजार और अनसुलझे सवाल

इस त्रिकोणीय त्रासदी के बाद घर में बंद रहा उनका पालतू कुत्ता 'शेरू' दो दिनों तक अपने मालिकों का इंतजार करता रहा, जिसे बाद में एनिमल शेल्टर भेजा गया। क्या 19 साल के बेटे ने माता-पिता को मिलाने के लिए यह कदम उठाया था या इसके पीछे कोई गहरा राज छुपा है? संभाजीनगर पुलिस अब इस दर्दनाक अंत की एक-एक कड़ी जोड़ने में जुटी है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की छात्रा की मांग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए क्या कहा
Rajasthan Rains : दौसा में सड़क से लेकर सब्जी मंडी तक पानी में डूबी, देखिए तबाही की तस्वीरें