
Mojtaba Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का नाम आते ही सादगी, धार्मिकता और क्रांति के आदर्शों की तस्वीर सामने आती है, लेकिन अब ब्लूमबर्ग की एक साल लंबी जांच ने एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया है, जो दुनिया भर में चर्चा में ला दिया है। ब्लूमबर्ग का दावा है कि खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई से जुड़ा एक ऐसा विदेशी साम्राज्य मौजूद है, जिसमें यूरोप के लग्ज़री होटल, लंदन की महंगी प्रॉपर्टी और दुबई का आलीशान विला शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये सब कुछ ऐसे समय में सामने आया है, जब मोजतबा खामेनेई पर अमेरिका पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है । तो क्या खामेनेई परिवार की असली ज़िंदगी कुछ और ही है?
56 साल के मोजतबा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं। ईरान की सत्ता गलियारों में उन्हें लंबे समय से संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। वे सार्वजनिक रूप से बहुत कम दिखते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी ताकत और प्रभाव को लेकर हमेशा चर्चाएं रही हैं।
मोजतबा खामेनेई पर 2019 में अमेरिकी प्रतिबंध लगाए गए थे। इसके बावजूद, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई से जुड़े पैसों को यूके, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टाइन और यूएई के बैंकों के ज़रिए विदेश भेजा गया। दस्तावेज़ों के मुताबिक, इन फंड्स का बड़ा हिस्सा ईरानी तेल बिक्री से आया बताया गया है। दस्तावेज़ों के अनुसार, सिर्फ लंदन में एक प्रॉपर्टी 2014 में करीब €33.7 मिलियन में खरीदी गई थी।
सबसे रहस्यमयी पहलू यही है। किसी भी सरकारी रिकॉर्ड में इन प्रॉपर्टीज़ के मालिक के तौर पर मोजतबा खामेनेई का नाम दर्ज नहीं है। इसके बजाय, कई संपत्तियां अली अंसारी नाम के ईरानी बिजनेसमैन से जुड़ी पाई गई हैं। अंसारी पर यूके ने हाल ही में प्रतिबंध लगाए हैं ।
कई प्रॉपर्टीज़ का नाम अली अंसारी से जुड़ा है, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने “भ्रष्ट ईरानी बैंकर और बिजनेसमैन” बताया है । उन पर IRGC को आर्थिक मदद देने के आरोप भी लगे हैं । हालांकि, अंसारी ने अपने वकील के ज़रिए साफ कहा है कि उनका मोजतबा खामेनेई से कोई भी वित्तीय या निजी रिश्ता नहीं है । फिर भी, यूरोप में उनके नाम से जुड़े होटल और रियल एस्टेट जांच के घेरे में हैं ।
उत्तरी लंदन की द बिशप्स एवेन्यू, जिसे “Billionaires Row” कहा जाता है, वहां कई ऐसी हवेलियां हैं जो शेल कंपनियों के नाम पर खरीदी गईं। ये हवेलियां ज़्यादातर खाली रहती हैं, लेकिन प्राइवेट सिक्योरिटी से घिरी रहती हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही नेटवर्क तेहरान से दुबई और फ्रैंकफर्ट तक फैला हुआ है।
ईरान के सरकारी मीडिया में खामेनेई परिवार को हमेशा सादा, धार्मिक और दिखावे से दूर बताया गया है। हालांकि, ब्लूमबर्ग की यह जांच उस छवि से बिल्कुल उलट कहानी पेश करती है। भले ही यह साबित न हो पाया हो कि इन संपत्तियों का इस्तेमाल निजी ऐशो-आराम के लिए हुआ, लेकिन इतनी बड़ी दौलत और इतनी गोपनीयता अपने आप में कई सवाल खड़े करती है।
ईरान में ताकतवर नेताओं के बच्चों को अक्सर “आगाज़ादेह” कहा जाता है यानी वो वर्ग जो सत्ता के दम पर अमीर बनने का आरोप झेलता है। ये खुलासे ऐसे समय पर आए हैं, जब ईरान में महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार को लेकर आम लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मोजतबा खामेनेई से जुड़ा यह कथित विदेशी साम्राज्य सिर्फ एक संपत्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह सत्ता, गोपनीयता और दोहरी छवि की पूरी परतें खोलता है।
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