
Nepal Flood Tragedy: आपदा और दर्द की घड़ियों में भी इंसान की हिम्मत की जो मिसालें सामने आती हैं, वे रोंगटे खड़े कर देती हैं। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद एक ऐसी ही रुला देने वाली खबर सामने आई है। एक ओर जहां नेपाल में मूसलाधार बारिश और बाढ़ के चलते तबाही का मंजर है, वहीं दूसरी तरफ तन्वी नाम की एक छात्रा ने माता-पिता के लापता होने के बावजूद 30 अगस्त, 2026 को नीट पीजी (NEET PG) की परीक्षा दी। आंखों में बहते आंसुओं और सीने में अनहोनी के खौफ के बीच उसने यह पेपर सिर्फ इसलिए दिया, क्योंकि यह उसके पिता का सपना था।
न्वी ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि परीक्षा के दौरान वह लगातार भावुक होती रहीं। उन्होंने अपनी उस उंगली की तस्वीर भी साझा की, जिस पर परीक्षा केंद्र पर थंब इम्प्रेशन के लिए स्याही लगी थी। तन्वी ने बताया कि इस बार परीक्षा देने से पहले उन्हें गुड लक कहने के लिए उनके माता-पिता उनके साथ नहीं थे। नेपाल में बाढ़ के बाद से दोनों लापता हैं। तन्वी ने बताया कि तीन घंटे की परीक्षा के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक वह रोती रहीं। कई बार उनकी आंखों में इतने आंसू थे कि सवाल पढ़ना भी मुश्किल हो रहा था। उनकी परेशानी और बढ़ गई जब परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पर एडमिट कार्ड वाली उनकी तस्वीर दिखाई दी। तन्वी ने बताया कि वह तस्वीर उनके पिता ने खींची थी। यही छोटी-सी चीज उस मुश्किल समय में उनके लिए एक बड़ी भावनात्मक याद बन गई।
तन्वी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीर देखते ही उन्हें अपने पिता की याद आ गई। उन्होंने कहा कि उनके पिता ही चाहते थे कि वह यह परीक्षा दें। उनके लिए यही बात परीक्षा पूरी करने की ताकत बनी। तन्वी के मुताबिक, उनके मन में यही था कि उनके पिता चाहते थे कि वह NEET PG परीक्षा दें और उन्हें यह परीक्षा उनके लिए पूरी करनी है। उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता के लिए यह करना चाहती थीं।
तन्वी ने अपनी भावनाओं को याद करते हुए बताया कि परीक्षा से पहले उनकी मां उन्हें हमेशा दही-शक्कर खिलाती थीं। इस बार ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि NEET PG परीक्षा से भी ज्यादा मुश्किल उनके लिए यह एहसास था कि परीक्षा से पहले मां का वह छोटा-सा रिवाज इस बार उनके साथ नहीं था। यही वजह थी कि परीक्षा का दिन उनके लिए पढ़ाई और करियर से कहीं आगे बढ़कर परिवार की चिंता और यादों से जुड़ा हुआ था।
तन्वी ने 29 अगस्त को इस पूरे मामले को लेकर अपना पहला वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता वेंकटराम अन्नामदेवरा और अनघा अन्नामदेवरा 67 लोगों के एक ग्रुप के साथ कैलाश यात्रा पर गए थे। तन्वी के मुताबिक, परिवार लगातार उनके माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। टूर ग्रुप या संगठन से जुड़े लोगों से भी परिवार का संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि ग्रुप की आखिरी लोकेशन इमिग्रेशन सेंटर और फ्रेंडशिप ब्रिज थी।
तन्वी ने अपने माता-पिता और उनके साथ यात्रा कर रहे बाकी लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, वह अब भी उम्मीद कर रही हैं कि सभी लोग सुरक्षित होंगे और जल्द घर लौटेंगे। एक तरफ नेपाल में बाढ़ के बाद लापता माता-पिता की चिंता, दूसरी तरफ NEET PG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा। तन्वी के लिए यह परीक्षा बेहद कठिन परिस्थितियों में हुई, लेकिन उन्होंने अपने पिता की इच्छा को याद करते हुए इसे पूरा करने की कोशिश की।
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