Houthi attacks Saudi Arabia: अमेरिका ने ईरान के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और फ्लाइट्स रद्द होने के खतरे को देखते हुए यह अलर्ट जारी किया गया है।

US Iran Travel Advisory: अमेरिका ने ईरान के लिए एक नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से किसी भी हाल में ईरान की यात्रा न करने की अपील की गई है। साथ ही, जो लोग पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें तुरंत देश छोड़ने को कहा गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हालात बिगड़ने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है।

ईरान स्थित अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी ने एक सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि इलाके के सुरक्षा हालात काफी पेचीदा बने हुए हैं। एंबेसी ने फ्लाइट्स कैंसिल होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में आने वाली अन्य दिक्कतों को लेकर चेतावनी दी है। अलर्ट में साफ कहा गया है, "किसी भी कारण से ईरान की यात्रा न करें। अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ देना चाहिए।"

क्षेत्रीय तनाव के चलते जारी हुई चेतावनी

अमेरिकी मिशन ने इस इलाके में मौजूद अपने नागरिकों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। उन्हें एयरपोर्ट्स, एयरलाइंस और बॉर्डर क्रॉसिंग से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी गई है। यह भी चेतावनी दी गई है कि ईरान के जमीनी बॉर्डर के नियम बिना किसी पूर्व सूचना के बदल सकते हैं। इसलिए, यात्री जिस भी देश में जाना चाहते हैं, वहां के एंट्री रूल्स पहले ही चेक कर लें。

यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है। वाशिंगटन लगातार तेहरान पर सैन्य और समुद्री दबाव बना रहा है। वहीं, ईरानी अधिकारी भी इस इलाके में अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दे रहे हैं।

हूती हमलों का भी जिक्र

अमेरिका ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की गतिविधियों का भी हवाला दिया है। इन विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों समेत कई ठिकानों पर हमले किए हैं। अलर्ट में कहा गया है, "ईरान समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है।"

अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट के बाहर भी उसके राजनयिक ठिकानों को पहले निशाना बनाया जा चुका है। ऐसे में ईरान या उसके समर्थक गुट विदेशों में भी अमेरिकी हितों, व्यवसायों और संस्थानों पर हमला कर सकते हैं।

अमेरिकी नागरिकों के लिए निर्देश

अमेरिकी नागरिकों को विदेश विभाग के 'स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम' (STEP) में रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी गई है। इससे उन्हें सुरक्षा अपडेट्स मिलते रहेंगे और इमरजेंसी के वक्त अमेरिकी राजनयिकों से संपर्क करने में आसानी होगी।

अलर्ट में नागरिकों से प्रदर्शनों, बड़ी भीड़ और भारी पुलिस बल वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। हवाई हमले की स्थिति में अमेरिकियों को खिड़कियों और कांच के दरवाजों से दूर रहने, गिरे हुए मलबे से बचने और आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।

सऊदी अरब के लिए भी सिक्योरिटी अलर्ट

इस ताजा चेतावनी से पहले अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक अलग सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया था। हूती हमलों के बाद सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए, सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने अपने कर्मचारियों के लिए ताइफ और यानबू की आधिकारिक या निजी यात्रा के लिए विशेष अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है।

सऊदी अधिकारियों ने रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल के बाद "हवाई खतरे" को लेकर इमरजेंसी चेतावनी जारी की थी। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों ने बताया कि मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा बिश, ताइफ, फरासन और यानबू में भी नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिशें की गईं।

कतर ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की है और सऊदी अरब के साथ एकजुटता दिखाई है। कतर ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने अलग से पश्चिम एशिया की यात्रा करने वाले अमेरिकियों से सतर्क रहने की अपील की है। क्षेत्रीय तनाव के कारण अचानक फ्लाइट्स रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और अमेरिकी हितों पर हमलों का खतरा बढ़ गया है।