
New Delhi Railway Stations Name Change: दिल्ली का रेलवे नेटवर्क आने वाले वर्षों में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजरने वाला है। राजधानी के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी तेज हो चुकी है। इसके साथ ही कुछ रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने, उनके आगे "दिल्ली" जोड़ने और कई प्रमुख ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कवायद केवल स्टेशन भवनों के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के बढ़ते यात्री दबाव को बेहतर ढंग से संभालने की एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त स्टेशनों में गिना जाता है। हर दिन लाखों यात्रियों की आवाजाही के कारण यहां क्षमता पर लगातार दबाव बना रहता है। इसी वजह से रेलवे अब दिल्ली के अन्य स्टेशनों को विकसित कर ट्रैफिक का बोझ बांटने की तैयारी कर रहा है। रेलवे की योजना है कि राजधानी के कई छोटे और मध्यम आकार के स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि भविष्य में कुछ ट्रेनों का संचालन वहां से भी किया जा सके। इससे नई दिल्ली स्टेशन पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा।
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दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़े स्तर पर विकास कार्य किए गए हैं। पहले जहां इस स्टेशन पर केवल तीन प्लेटफॉर्म थे, वहीं अब प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार भविष्य में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को शकूरबस्ती स्टेशन पर शिफ्ट किया जा सकता है। इसके साथ ही स्टेशन के नाम में भी बदलाव की चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि इसका नया नाम "रानी बाग" या किसी अन्य स्थानीय पहचान से जुड़ा नाम हो सकता है। हालांकि नाम परिवर्तन को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित बिजवासन रेलवे स्टेशन को भी बड़े स्तर पर विकसित किया जा रहा है। योजना के अनुसार अक्टूबर से यहां परिचालन गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पुरानी दिल्ली और सराय रोहिल्ला स्टेशन से संचालित होने वाली कुछ ट्रेनों को भविष्य में बिजवासन स्थानांतरित किया जा सकता है। यदि स्टेशन का नाम नहीं बदला जाता है तो भी इसके आगे "दिल्ली" शब्द जोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार राजधानी के कुछ अन्य स्टेशनों के नाम के आगे भी "दिल्ली" जोड़े जाने पर विचार किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
रेलवे का मानना है कि इससे यात्रियों को स्टेशन की भौगोलिक पहचान समझने में आसानी होगी और दिल्ली के रेलवे नेटवर्क को एकीकृत पहचान मिलेगी।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का अंतिम अधिकार गृह मंत्रालय के पास होता है। रेलवे मंत्रालय सीधे तौर पर किसी स्टेशन का नाम नहीं बदल सकता। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए यह अधिकार रेलवे मंत्रालय को देने पर भी विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो भविष्य में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज हो सकती है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए लगभग 2650 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम किया जा रहा है। इस परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2029 तक स्टेशन को पूरी तरह आधुनिक रूप देना है। पुनर्विकास के बाद स्टेशन को मल्टी-लेवल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां रेलवे, मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का बेहतर एकीकरण होगा।
रेलवे की योजना नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की है। परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन का डिजाइन आधुनिक एयरपोर्ट जैसा दिखाई देगा। नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन लगभग 7 लाख यात्रियों की आवाजाही को संभालने की क्षमता विकसित की जाएगी। यात्रियों को बेहतर प्रवेश और निकास व्यवस्था, आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रेनों का संचालन अलग-अलग स्टेशनों से किया जाता है तो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। हालांकि शुरुआती दौर में यात्रियों को नई व्यवस्था के अनुसार अपने स्टेशन और ट्रेन की जानकारी पर अधिक ध्यान देना होगा। इसलिए रेलवे की ओर से समय-समय पर जारी होने वाली सूचनाओं को देखना बेहद जरूरी होगा।
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