Nobel Prize 2026: कौन हैं वो 3 वैज्ञानिक जिन्हें मिला मेडिसिन का नोबेल, जानें क्या है इनकी रिसर्च?

Published : Oct 05, 2026, 03:35 PM ISTUpdated : Oct 05, 2026, 03:36 PM IST
Nobel prize 2026 Medicine

सार

Nobel Prize 2026 में कार्ल डेइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को मेडिसिन का पुरस्कार मिला। जानें ऑप्टोजेनेटिक्स रिसर्च क्यों खास है।

Nobel Prize 2026 in Medicine: सोमवार 5 अक्टूबर को कार्ल डेइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तीनों वैज्ञानिकों को लाइट-गेटेड आयन चैनल और ऑप्टोजेनेटिक्स पर उनके महत्वपूर्ण शोध के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। पुरस्कार की घोषणा स्टॉकहोम स्थित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट में की गई। इसके साथ ही इस साल के नोबेल पुरस्कार सप्ताह की शुरुआत हो गई। इस साल नोबेल पुरस्कार की राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर, यानी करीब 1.2 मिलियन डॉलर (11.52 करोड़ रुपए) है। यह राशि किसी एक विजेता, विजेताओं के छोटे समूह या किसी संगठन को पुरस्कार दिए जाने की स्थिति में भी इतनी ही रहेगी।

ऑप्टोजेनेटिक्स क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

  • नोबेल समिति ने तीनों वैज्ञानिकों के काम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी खोजों ने ऑप्टोजेनेटिक्स के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • ऑप्टोजेनेटिक्स ऐसी तकनीक है, जिसकी मदद से जीवित मस्तिष्क में मौजूद अलग-अलग तंत्रिका कोशिकाओं यानी नर्व सेल्स की गतिविधि को चालू या बंद किया जा सकता है।
  • नोबेल समिति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस तकनीक का इस्तेमाल अब दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में मस्तिष्क के रहस्यों को समझने और उनकी जांच करने के लिए किया जा रहा है।
  • वैज्ञानिकों के इस काम ने शोधकर्ताओं को मस्तिष्क में अलग-अलग नर्व सेल्स की गतिविधियों को कंट्रोल करने और उनके काम को बेहतर तरीके से समझने का रास्ता दिया है।

पिछले साल किसे मिला था मेडिसिन का नोबेल?

  • पिछले साल मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को दिया गया था। इन वैज्ञानिकों ने यह समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था कि इम्यून सिस्टम कैसे यह पहचानता है कि उसे शरीर में मौजूद कीटाणुओं पर हमला करना है और कब अपने ही शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाना है।
  • मैरी ई. ब्रुन्को, फ्रेड रैम्सडेल और डॉ. शिमोन साकागुची को उनके काम के लिए सम्मानित किया गया था। उनके शोध से शरीर में इम्यून सिस्टम को नियंत्रित रखने के एक महत्वपूर्ण तरीके के बारे में जानकारी मिली, जिसे 'पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस' कहा जाता है।

ऑटोइम्यून बीमारियों को समझने में मदद

  • विशेषज्ञों ने पिछले साल के इन वैज्ञानिक निष्कर्षों को कई ऑटोइम्यून बीमारियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण बताया था।
  • इनमें टाइप 1 डायबिटीज, रुमेटॉयड आर्थराइटिस और ल्यूपस जैसी बीमारियां शामिल हैं।
  • ऑटोइम्यून बीमारियों में शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों पर हमला करने लगता है।

नोबेल पुरस्कार सप्ताह में आगे क्या होगा?

  • मेडिसिन के पुरस्कार की घोषणा के बाद नोबेल पुरस्कार सप्ताह में अलग-अलग क्षेत्रों के पुरस्कारों की घोषणा जारी रहेगी।
  • मंगलवार को फिजिक्स यानी भौतिकी का नोबेल पुरस्कार घोषित किया जाएगा।
  • इसके बाद बुधवार को केमिस्ट्री यानी रसायन विज्ञान और गुरुवार को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा।
  • इसके बाद शुक्रवार को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा।
  • वहीं, 12 अक्टूबर को इकोनॉमिक साइंसेज यानी अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार की घोषणा की जाएगी।

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