
इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर पूरी दुनिया पर अलग-अलग तरीकों से पड़ रहा है। कुछ देश तेल की कमी से जूझ रहे हैं, तो कुछ गैस की किल्लत से परेशान हैं। लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में हालात बद से बदतर हो गए हैं। वहां 'मेडिकल इमरजेंसी' जैसी स्थिति बन गई है। जान बचाने वाली ज़रूरी दवाओं की भारी कमी हो गई है, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान संकट की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाली सप्लाई या तो रुक गई है या उसमें बहुत देरी हो रही है। इस वजह से शिपिंग का खर्च आसमान छू रहा है। पाकिस्तान का दवा उद्योग कच्चे माल के लिए काफी हद तक विदेशी आयात पर निर्भर है। लड़ाई के चलते इस कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं और अब इसकी कमी पूरे देश को परेशान कर रही है।
पाकिस्तान के बड़े शहरों जैसे कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में दवाओं की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि आम लोगों के लिए इलाज कराना लगभग नामुमकिन हो गया है। डायबिटीज, दिल की बीमारियों और कैंसर से पीड़ित मरीज़ों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे उनकी जान खतरे में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में 2023 से ही दवाओं की कीमतें बढ़ रही थीं। 2024 में ज़रूरी दवाओं के दाम करीब 50% बढ़ाए गए थे। इसके बाद 2025 में कीमतों में फिर 30 से 40% की बढ़ोतरी की गई। इस सब के ऊपर, शहबाज शरीफ सरकार ने दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर 18% जीएसटी (GST) लगा दिया है, जो मरीज़ों के लिए एक और बड़ा झटका साबित हुआ है।
इस पूरे संकट की जड़ 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमले को माना जा रहा है। इन हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया गया था। ऐसी भी खबरें हैं कि इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए हैं। इस गंभीर स्थिति ने न केवल दुनिया भर में कच्चे तेल की कमी पैदा की है, बल्कि पाकिस्तान जैसे देशों को दवाओं के लिए तरसने पर मजबूर कर दिया है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।