
नई दिल्ली: परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) बिल' जैसे ही राज्यसभा में पेश हुआ, केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ गई। बिल पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पिछली UPA सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि UPA सरकार जानती थी कि एक परीक्षा बोर्ड बनाने की जरूरत है, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। सिंह ने कहा कि आज का संकट पिछली सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है।
इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा पेपर लीक की घटनाएं तो इस सरकार की नाकामी हैं। जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि UPA सरकार ने जो काम अधूरा छोड़ा था, उसे अब प्रधानमंत्री पूरा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि UPA ने पेपर लीक रोकने के लिए बनी एक अहम कमेटी की सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया था। यह बिल लोकसभा से ध्वनि मत (voice vote) से पास होने के बाद राज्यसभा में लाया गया था।
बिल पर चर्चा के दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मांग की कि इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए। खड़गे ने कहा, "अगर वे सफाई नहीं दे सकते, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।" खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार सत्ता खोने के डर से छात्रों की मांगों के आगे झुकी है। खड़गे की इस टिप्पणी पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया और इसे 'हिंसा की धमकी' करार दिया। बता दें कि यह छात्र प्रदर्शन, जिसे CJP नाम के एक मजाकिया राजनीतिक ग्रुप ने लीड किया था, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वापस ले लिया गया था।
इस नए बिल में पेपर लीक जैसे अपराधों के लिए सजा को 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ऐसे अपराधों में शामिल पाई जाती है, तो उस पर अधिकतम जुर्माना 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही, ऐसी कंपनियों पर परीक्षा आयोजित करने का बैन भी 4 साल से बढ़ाकर 8 साल कर दिया गया है। जितेंद्र सिंह ने सदन में यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।