Putin Security: बॉडीगार्ड से बुलेटप्रूफ कार तक, कैसे चलता है पुतिन का हाई-सिक्योरिटी काफिला?

Published : Sep 11, 2026, 02:17 PM IST
Putin security brics 2026

सार

Putin Security: Brics Summit 2026 के लिए भारत पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा कई लेयर में होती है। एडवांस टीम, सुरक्षित वाहन, मेडिकल इंतजाम और फूड टेस्टिंग लैब विदेश दौरे से पहले सुरक्षा की जांच करती है।

Putin Advance Security Team: दिल्ली में होने वाले BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। उनके दौरे से पहले ही तीन रूसी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट गुरुवार को ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच चुके थे। पुतिन की सुरक्षा को लेकर उनकी एक एडवांस सिक्योरिटी टीम पहले ही दिल्ली पहुंच गई है। यह टीम अपने राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ी हर तैयारी की जांच अपने स्तर पर करती है। आइए जानते हैं हर एक विदेशी दौरे से पहले कैसे तैयार होता है पुतिन का सुरक्षा घेरा।

कई लेयर में होता है पुतिन का सुरक्षा घेरा

पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था कई लेयर में होती है। वह जहां भी जाते हैं, उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी चर्चा होती है। इसमें हाईटेक हथियारों से लैस बॉडीगार्ड, बुलेटप्रूफ ब्रीफकेस, बुलेटप्रूफ कार और खाने की जांच करने वाली मेडिकल टीम जैसी कई चीजें शामिल होती हैं। पुतिन का ये अभेद्य सिक्योरिटी कवच कोई अचानक तैयार नहीं हुआ है, बल्कि रूस ने पिछले कई दशकों में अपने राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मॉर्डर्न और हाईटेक बनाया है।

पुतिन जहां जाते हैं, पहले पहुंचता है सुरक्षा नेटवर्क

  • पुतिन की सुरक्षा को सिर्फ बंदूकधारी कमांडो या बख्तरबंद कार तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम करता है।
  • इस नेटवर्क में एडवांस सिक्योरिटी टीम, सुरक्षा अधिकारी, मेडिकल विशेषज्ञ, फूड टेस्टिंग टीम, शेफ, सुरक्षित वाहन, विमान और कम्युनिकेशन सिस्टम शामिल होते हैं।
  • यानी पुतिन जब किसी दूसरे देश की यात्रा करते हैं तो उनकी सुरक्षा वहां पहुंचने के बाद शुरू नहीं होती। उनकी यात्रा की तैयारी काफी पहले से शुरू हो जाती है।
  • कार्यक्रम स्थल से लेकर होटल के कमरे तक और खाने की प्लेट से लेकर इस्तेमाल होने वाली चीजों तक, सुरक्षा टीम हर स्तर पर संभावित जोखिम को कम करने की कोशिश करती है।
  • पुतिन के किसी विदेशी दौरे से पहले उनकी एडवांस सिक्योरिटी टीम संबंधित देश में पहले पहुंच जाती है। वहां होटल के कमरों, आने-जाने के रास्तों, खाने की जगह और दूसरी जरूरी चीजों की जांच की जाती है।
  • इसका मतलब है कि पुतिन जिस जगह पहुंचते हैं, वहां उनकी सुरक्षा टीम उससे पहले ही अपना सुरक्षा इंतजाम और नेटवर्क तैयार कर चुकी होती है।

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पुतिन के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब

  • पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में एक और खास चीज शामिल होने की बात कही जाती है। यह है उनकी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब।
  • पुतिन की टीम में स्पेशल शेफ, फूड टेस्टिंग से जुड़े लोग और तकनीकी विशेषज्ञ होते हैं। इनका काम राष्ट्रपति को दिए जाने वाले खाने, पानी और ड्रिंक्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
  • इसी वजह से किसी दूसरे देश में आयोजित डिनर या लंच के दौरान भी पुतिन तक वही खाना पहुंचता है, जिसे उनकी टीम की मंजूरी मिली हो।

बायोलॉजिकल सिक्योरिटी पर भी रहती है खास नजर

  • 2011 से 2014 के दौरान पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में जैविक सुरक्षा यानी Biological Security को लेकर ज्यादा सतर्कता की रिपोर्टें सामने आईं।
  • कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, पुतिन के इस्तेमाल में आने वाली चीजों को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जाने लगी। गिलास, टिश्यू, तौलिया और दूसरी इस्तेमाल की गई वस्तुओं को लेकर सुरक्षा टीम सतर्क रहती थी।
  • इसका मकसद केवल किसी संभावित खतरे से बचना नहीं था। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि टीम इस बात को लेकर सावधान रहती थी कि राष्ट्रपति के इस्तेमाल की कोई जैविक सामग्री दूसरे लोगों के हाथ न लगे।
  • यानी पुतिन की सुरक्षा का दायरा सिर्फ उनके शरीर की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके पीछे छूटने वाली चीजों तक भी पहुंच गया।

होटल के कमरे से स्टाफ तक की होती है जांच

  • विदेश यात्रा के दौरान पुतिन के ठहरने के लिए जो होटल का कमरा तय किया जाता है, वहां एडवांस टीम पहले पहुंचती है। इसके बाद होटल और कार्यक्रम स्थल की जांच की जाती है।
  • कमरे में इस्तेमाल होने वाली चीजों की भी गहराई से जांच की जाती है। साथ ही, होटल में आने-जाने वाले स्टाफ पर भी नजर रखी जाती है।
  • इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य राष्ट्रपति के ठहरने और कार्यक्रम के दौरान संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करना होता है।

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4.8 करोड़ की Aurus Senat Limousine से चलते हैं पुतिन

Aurus Senat Limousine में कई ऐसे फीचर्स हैं, जो इसे एक खास प्रेसिडेंशियल कार बनाते हैं। इसमें 4.4 लीटर V8 इंजन, ऑल-व्हील ड्राइव (AWD), 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, हैवी आर्मर और बुलेटप्रूफ सिक्योरिटी, बम धमाके से सुरक्षा के लिए खास सिक्योरिटी फीचर्स मौजूद हैं। इसके अलावा इसमें राष्ट्रपति के लिए स्पेशल कम्युनिकेशन और लाइफ-सपोर्ट सिस्टम भी है। इस लग्जरी कार की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए के आसपास है।

पुतिन का विमान भी होता है खास

  • पुतिन की विदेश यात्रा में उनके विमान और काफिले पर खास ध्यान रहता है। विदेश दौरे के दौरान बड़े रूसी विमान पहले से संबंधित जगह पर पहुंच जाते हैं। इन विमानों में राष्ट्रपति की यात्रा से जुड़ी जरूरी चीजों के अलावा सुरक्षा और मेडिकल जरूरतों का सामान भी शामिल होता है।
  • विमान में मेडिकल सुविधाओं से लैस मिनी-क्लिनिक जैसी व्यवस्था होने की खबरें भी सामने आई हैं। इसका उद्देश्य यह है कि किसी विदेशी देश में भी राष्ट्रपति को जरूरी मेडिकल सुविधा के लिए पूरी तरह स्थानीय व्यवस्था पर निर्भर न रहना पड़े।

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