Rahul Gandhi New Team: क्या कांग्रेस में अब नहीं चलेगी 'सिफारिश'? 2029 से पहले राहुल का बड़ा दांव

Published : Sep 08, 2026, 02:51 PM IST
rahul gandhi congress team sifarish senior leaders sachin pilot surjewala 2029

सार

कांग्रेस में अब वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश नहीं चलेगी! Rahul Gandhi Congress Team को लेकर बड़ा बदलाव दिख रहा है। AICC सचिवों के चयन से लेकर सचिन पायलट और रणदीप सुरजेवाला की नियुक्ति तक, क्या राहुल गांधी 2029 के लिए अपनी पसंद की टीम तैयार कर रहे हैं?

Rahul Gandhi New Team: 2029 के लोकसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन राहुल गांधी ने अभी से अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। सालों की हिचकिचाहट, अंदरूनी गुटबाजी और पुराने-नए नेताओं की खींचतान के बाद अब राहुल बिल्कुल साफ संदेश दे रहे हैं-टीम वही बनेगी, जिस पर उन्हें खुद भरोसा होगा और जो उनके राजनीतिक ढर्रे पर काम कर सके। हाल ही में पार्टी सचिवों के पदों के लिए दो दिन तक चले इंटरव्यू इसका सबसे बड़ा सबूत हैं। राहुल ने खुद उन उम्मीदवारों से बातचीत की जिन्हें राष्ट्रीय महासचिवों और वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रस्तावित किया गया था। खबरें तो यहाँ तक हैं कि बड़े नेताओं द्वारा अनुशंसित कई नामों को राहुल ने सीधे खारिज कर दिया। संदेश साफ था: अब 'सिफारिश' के दम पर संगठन में पद नहीं मिलेंगे, चुनाव जिताने और आक्रामक राजनीति करने की काबिलियत ही एकमात्र पैमाना होगी।

पुरानी राजनीति से ब्रेक: G23 से लेकर सोनिया गांधी की सलाह के बाद बदला अंदाज

कांग्रेस के अंदर राहुल गांधी की नई टीम बनाने की यह कवायद नई नहीं है। सालों तक उन्हें इसके लिए पार्टी के अंदर ही कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। एक दौर में G23 गुट के पुराने क्षत्रप उनके फैसलों पर सवाल उठाते रहे, तो शुरुआती दिनों में खुद सोनिया गांधी का मानना था कि राहुल को पार्टी में संतुलन बनाते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। राहुल गांधी अब कांग्रेस संगठन को सीधे तौर पर अपने हिसाब से ढाल रहे हैं। अब वे वरिष्ठ नेताओं के दबाव में आकर फैसले लेने के मूड में बिल्कुल नहीं दिखते।

सचिन पायलट पर बड़ा दांव: पंजाब में गुटबाजी खत्म करने का नया फॉर्मूला

हालिया संगठनात्मक बदलावों पर नजर डालें तो राहुल की सोच की झलक साफ दिखती है। पंजाब जैसे अहम राज्य का प्रभार सचिन पायलट को सौंपना मामूली फैसला नहीं है। पंजाब में कांग्रेस को लगता है कि वह वापस सत्ता में आ सकती है, लेकिन राज्य इकाई के अंदरूनी झगड़े हर बार बने-बनाये खेल को बिगाड़ देते हैं। पहले भूपेश बघेल पर राज्य प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग का पक्ष लेने के आरोप लगे, जिससे गुटीय तनाव और बढ़ गया था। ऐसे में अपनी पसंद के युवा और आक्रामक नेता सचिन पायलट को कमान सौंपकर राहुल ने अशोक गहलोत जैसे पुराने दिग्गज नेताओं को भी संदेश दे दिया है कि वे अपनी राजनीतिक पसंद के साथ खड़े रहने से पीछे नहीं हटेंगे।

गुजरात में सुरजेवाला की एंट्री: पीएम मोदी के गढ़ में सीधी भिड़ंत की तैयारी

गुजरात में बीजेपी के किले को ढहाना हमेशा से कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान राहुल ने भविष्यवाणी की थी कि बीजेपी गुजरात हारेगी, लेकिन अब तक जमीनी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। बंद कमरों की बैठकों में राहुल ने गुजरात के पिछले प्रभारियों के ढीले-ढाले रवैये और आक्रामकता की कमी पर साफ नाराजगी जताई थी। यही वजह है कि उन्होंने गुजरात का प्रभार रणदीप सुरजेवाला को सौंपा है। सुरजेवाला को बीजेपी से सीधे टकराने और मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए जाना जाता है। राहुल को लगता है कि प्रधानमंत्री के गृह राज्य में ऐसा ही आक्रामक रुख काम आ सकता है।

श्रीनिवास बीवी और मणिक्कम टैगोर: राहुल की 'कोर टीम' का नया चेहरा

ये बदलाव सिर्फ दो राज्यों तक सीमित नहीं रहने वाले हैं। आने वाले दिनों में संगठन में कई और अहम नियुक्तियाँ देखने को मिल सकती हैं। मणिक्कम टैगोर और यूथ कांग्रेस में काम कर चुके श्रीनिवास बीवी (जिन्हें कांग्रेस सेवा दल की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है) जैसे चेहरे यह साफ बताते हैं कि अब वफादारी और काम करने की क्षमता ही राहुल की नई टीम का आधार है। सालों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राहुल गांधी अपनी शर्तों पर पार्टी की कमान संभालते दिख रहे हैं। भारतीय राजनीति का चक्र घूमकर फिर वहीं आ चुका है, लेकिन इस बार राहुल गांधी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि 2029 की बड़ी लड़ाई में उनके पीछे कोई अंदरूनी अड़ंगा लगाने वाला न हो, बल्कि उनकी अपनी वफादार और आक्रामक टीम खड़ी हो।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

विशाखा राउत कौन हैं? पूर्व मेयर से BMC नगरसेविका तक का सफर, क्यों रद्द हुई सदस्यता
Satya Niketan हादसे के बाद DU ने उठाया बहुत बड़ा कदम, खुश हो गए हजारों स्टूडेंट!