घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी, फिर उठी इस्तीफों की मांग, आखिर RML में क्या हुआ?

Published : Jul 21, 2026, 01:28 PM IST
rahul gandhi rml hospital cjp protest neet row pm modi amit shah resignation demand

सार

NEET विवाद के बीच घायल CJP प्रदर्शनकारियों से मिले राहुल गांधी ने PM मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर सियासी भूचाल ला दिया। आखिर अस्पताल में क्या हुआ?

Rahul Gandhi RML Hospital: मंगलवार की रात दिल्ली का राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल अचानक एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था। लेकिन सन्नाटे को चीरते हुए जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल के साथ अस्पताल परिसर में दाखिल हुए, तो वहां मौजूद हर शख्स की सांसें थम गईं। राहुल गांधी सीधे उन घायल प्रदर्शनकारियों के वार्ड की तरफ बढ़े, जो पुलिस की लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का शिकार होकर गंभीर रूप से भर्ती थे। इस गुप्त और अचानक हुए दौरे ने देश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है।

 

 

घायलों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने क्या कहा?

अस्पताल पहुंचने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के लिए अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं पर उनका भरोसा भी प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का विरोध केवल परीक्षा व्यवस्था को लेकर नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर बढ़ती चिंता का भी प्रतीक है।

 

 

PM मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

तीन बड़े इस्तीफों की हुंकार: क्या हिल जाएगी सत्ता की बुनियाद?

घायल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के जख्मों को देखने के बाद राहुल गांधी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने मीडिया के कैमरों के सामने आकर सीधे देश के तीन सबसे शक्तिशाली पदों पर बैठे लोगों पर हमला बोला। राहुल गांधी ने इस पूरी बर्बरता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने सीधे लहजे में कहा कि इस क्रूरता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पदों पर बने रहने का कोई हक नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। विपक्ष की यह मांग अब संसद से लेकर सड़कों तक एक बड़े टकराव का संकेत दे रही है।

"सारे दरवाजे बंद हैं": शिक्षा व्यवस्था के पीछे छिपे तीन बड़े नाम

अस्पताल से बाहर निकलते ही राहुल गांधी ने एक ऐसा बयान दिया जिसने देश के युवाओं के भीतर की हताशा को उजागर कर दिया। उन्होंने कहा, "यह मुद्दा अब सिर्फ किसी एक परीक्षा या शिक्षा व्यवस्था का नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के युवाओं में अपने भविष्य को लेकर बढ़ती गहरी निराशा का प्रतीक है।" उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश के युवाओं के पास आगे बढ़ने के सारे मौके छीन लिए गए हैं और जो एक दरवाजा कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स का खुला था, उसे भी पेपर लीक और धांधली के जरिए पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है।

RSS, अंबानी और अडानी पर भी लगाए आरोप

राहुल गांधी ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा संस्थानों में नियुक्तियों पर संगठन का प्रभाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि देश की व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के पक्ष में काम कर रही है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। कहा कि आज युवा अंबानी की शादी में 1,000 करोड़ रुपये का खर्च देख रहा है, जबकि उसके पास खुद का काम शुरू करने के पैसे नहीं हैं, क्योंकि शिक्षा से लेकर व्यापार तक के पूरे सिस्टम पर इन लोगों ने कब्जा कर लिया है।

 

 

जनरल डायर से तुलना और जेपी नड्डा की एंट्री: अस्पताल बना नया सियासी कुरुक्षेत्र

इस पूरे विवाद में आग तब और भड़क गई जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस कार्रवाई की तुलना जलियांवाला बाग कांड से करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 'जनरल डायर' को भी पीछे छोड़ दिया है। केजरीवाल ने खुलासा किया कि इस प्रदर्शन में उनके खुद के बच्चे भी शामिल थे। इस भयंकर चौतरफा घेराबंदी के बीच, सरकार को बैकफुट पर आते देख केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी तुरंत आरएमएल अस्पताल पहुंचे। नड्डा ने डॉक्टरों के साथ एक आपातकालीन बैठक की और भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। आरएमएल अस्पताल की चारदीवारी से शुरू हुआ यह तनाव अब देश की सियासत को किस मोड़ पर ले जाएगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

पुलिस और विपक्ष के दावों में बड़ा अंतर

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि छात्रों के खिलाफ आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया गया। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ने और सुरक्षा व्यवस्था भंग करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई। आरएमएल अस्पताल की चारदीवारी से शुरू हुआ यह तनाव अब देश की सियासत को किस मोड़ पर ले जाएगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

अब आगे क्या?

घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस और तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, तो दूसरी ओर सरकार और पुलिस अपने कदमों को उचित बता रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि इस पूरे विवाद पर संसद के भीतर और बाहर आगे क्या राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है और क्या इस मामले में किसी प्रकार की नई जांच या प्रशासनिक कार्रवाई की घोषणा होती है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

PM Modi in Mangal Milan: 'NEET-युवा और विपक्ष', NDA नेताओं से PM Modi ने क्या कहा...
Farmers' Protest: Shambhu Border पर हजारों किसानों की क्या है Modi सरकार से डिमांड?