₹2.12 लाख करोड़ से मजबूत होंगी भारत की तीनों सेनाएं, मिसाइल-ड्रोन समेत मिलेंगे ये घातक हथियार

Published : Oct 26, 2026, 08:43 PM IST
defence deal india rajnath singh

सार

Defence Deal: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीनों सेनाओं के लिए ₹2.12 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी। करीब 82% रक्षा खरीद भारतीय उद्योगों से होने की उम्मीद है।

Defence Procurement: 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक हुई। इस बैठक में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए लगभग 2.12 लाख करोड़ रुपये के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को ‘स्वीकृति की जरूरत’ (AoN) प्रदान की गई। इन प्रस्तावों के तहत खरीदे जाने वाले सैन्य उपकरणों का लगभग 82% हिस्सा भारतीय उद्योगों से मिलने की उम्मीद है।

सेनाओं को मिलेंगे कौन-कौन से हथियार?

समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, इन मंजूरियों में कई तरह के सैन्य उपकरण शामिल हैं। इनमें आर्टिलरी सिस्टम, हेलीकॉप्टर, काउंटर-ड्रोन तकनीक, निगरानी और स्ट्राइक ड्रोन, नौसैनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम, एयर डिफेंस इक्विपमेंट्स और मौसम संबंधी रडार शामिल हैं। इन उपकरणों की खरीद से तीनों सेनाओं की युद्धक क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

थल सेना के लिए कई आधुनिक सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी

  • रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भारतीय थल सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी है। इनमें ‘हाई मोबिलिटी व्हीकल’, ‘सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम’ और ‘गन शॉट रिस्पॉन्स सिस्टम’ शामिल हैं।
  • इसके अलावा, सेना के लिए ‘लाइट मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर’ और ‘वेरी शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम’ की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।
  • इन उपकरणों के साथ काउंटर-ड्रोन सिस्टम, निगरानी UAV, ‘इंटीग्रेटेड सर्विलांस एंड स्ट्राइक सिस्टम’ और ‘लॉन्ग-रेंज कामिकेज़ ड्रोन सिस्टम’ भी इस सूची में शामिल हैं।
  • इन उपकरणों से सेना की आवाजाही और गतिशीलता बेहतर होने के साथ-साथ उसकी मारक क्षमता भी बढ़ेगी। निगरानी से जुड़े सिस्टम युद्धक्षेत्र में गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करेंगे।
  • वहीं, काउंटर-ड्रोन और वायु रक्षा प्रणालियां हवाई खतरों से सुरक्षा मजबूत करने में उपयोगी होंगी।

नेवी के लिए एंटी-शिप मिसाइलों से बचाव की व्यवस्था मजबूत होगी

  • भारतीय नौसेना के लिए भी कई महत्वपूर्ण रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें ‘एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम’ शामिल है। इस सिस्टम का उद्देश्य आधुनिक एंटी-शिप मिसाइलों के खिलाफ नौसैनिक प्लेटफॉर्मों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
  • इसके साथ ही, नौसेना की युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित अन्य नौसैनिक प्लेटफॉर्मों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।
  • इन उपकरणों और प्लेटफॉर्मों से नौसेना की परिचालन क्षमता तथा समुद्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

एयरफोर्स के लिए हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणाली और मौसम रडार

  • भारतीय वायु सेना के लिए DAC ने हेलीकॉप्टर, वायु रक्षा प्रणालियों, हथियारों और ‘मोबाइल एक्स-बैंड डॉपलर वेदर रडार सिस्टम’ की खरीद को मंजूरी दी है। इनमें शामिल ‘स्पेशल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर’ हवाई परिवहन में मदद करेंगे।
  • वहीं, मोबाइल एक्स-बैंड डॉपलर वेदर रडार सिस्टम अग्रिम क्षेत्रों में स्थानीय मौसम की निगरानी करने में उपयोगी होंगे। इससे संबंधित क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
  • ‘लाइट मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर’ का इस्तेमाल थल सेना और वायु सेना, दोनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
  • इसके अलावा, वायु रक्षा प्रणालियों और हथियारों की खरीद से वायु सेना की परिचालन तथा सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

रक्षा खरीद में भारतीय उद्योगों को प्राथमिकता

  • DAC की इन मंजूरियों में घरेलू रक्षा विनिर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। प्रस्तावित खरीद का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा भारतीय उद्योगों से प्राप्त होने की उम्मीद है। इससे देश के घरेलू रक्षा उत्पादन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
  • कुल मिलाकर, लगभग 2.12 लाख करोड़ रुपये के इन पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों का उद्देश्य थल सेना, नौसेना और वायु सेना की जरूरतों को पूरा करना है।
  • इन मंजूरियों के तहत आधुनिक सैन्य उपकरणों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन, निगरानी प्रणालियों, वायु रक्षा उपकरणों और रडार की खरीद शामिल है।
  • साथ ही, भारतीय उद्योगों की भागीदारी पर जोर देकर घरेलू रक्षा विनिर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है।

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