6 हजार साल पुराना भारत का शहर, अब सरकार बनाएगी राखीगढ़ी को ग्लोबल हेरिटेज

Published : Feb 03, 2026, 07:00 PM IST

Rakhigarhi Harappa Site: हिसार स्थित राखीगढ़ी गांव को सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। 6 हजार साल पुरानी इस सभ्यता को वैश्विक धरोहर बनाने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे पर्यटन और शोध को नई पहचान मिलेगी।

PREV
16
हरियाणा का राखीगढ़ी: जहां से शुरू होती है सभ्यता की कहानी, अब बनेगा वैश्विक धरोहर केंद्र

जब दुनिया मिस्र के पिरामिड और मेसोपोटामिया की सभ्यताओं पर गर्व करती है, तब भारत की धरती पर बसा हरियाणा का एक गांव चुपचाप इतिहास को और भी पीछे ले जाता है। हिसार जिले का राखीगढ़ी गांव आज केवल एक पुरातात्विक स्थल नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की जड़ों को समझने की सबसे अहम कड़ी बन चुका है। अब सरकार ने इस ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

26
500 करोड़ से बदलेगा राखीगढ़ी का चेहरा

नारनौंद उपमंडल में स्थित राखीगढ़ी को सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। केंद्र सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में स्पष्ट किया कि इस बजट से आधुनिक पाथ-वे तैयार किए जाएंगे, आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा और नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए इसकी ऐतिहासिक महत्ता को दुनिया के सामने रखा जाएगा। उद्देश्य साफ है—राखीगढ़ी को वैश्विक मानचित्र पर एक प्रमुख ऐतिहासिक गंतव्य बनाना।

36
6 हजार साल पुरानी सभ्यता के हैरान करने वाले प्रमाण

राखीगढ़ी की खुदाई ने इतिहासकारों और वैज्ञानिकों को चौंका दिया है। यहां एक साथ करीब 60 मानव कंकाल मिले, जिनके डीएनए परीक्षण से यह सामने आया कि यह सभ्यता लगभग 5.5 से 6 हजार साल पुरानी है। खुदाई में मिट्टी और पत्थरों पर अंकित प्राचीन लिपियां, पक्की ईंटों से बने मकान और अत्यंत उन्नत जल निकासी प्रणाली मिली है। ये साक्ष्य बताते हैं कि उस दौर के लोग नगर नियोजन और स्वच्छता के मामले में अपने समय से कहीं आगे थे।

करीब 550 हेक्टेयर में फैले नौ टीलों में से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) फिलहाल पांच टीलों पर सक्रिय रूप से शोध और खुदाई कर रहा है, जहां हर परत के साथ इतिहास का नया अध्याय सामने आ रहा है।

46
नदी किनारे फली-फूली थी उन्नत नगरी

इतिहासकारों के अनुसार राखीगढ़ी पवित्र सरस्वती नदी के तट पर विकसित हुआ था। सरस्वती की सहायक नदी दृष्टवती इस क्षेत्र के पास से बहती थी, जिसने इस नगर को समृद्ध बनाया। वर्ष 1997-98 में अमरेंद्र नाथ के नेतृत्व में पहली बार यहां वैज्ञानिक खुदाई शुरू हुई थी। उस दौरान मिले मानव कंकाल आज दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में सुरक्षित रखे गए हैं और भारत की प्राचीन सभ्यता की कहानी कहते हैं।

56
नई खोजें, नई संभावनाएं

हालिया खुदाई में ASI के अपर महानिदेशक डॉ. संजय कुमार मंजुल के निर्देशन में शंख की चूड़ियां, तांबे के औजार, मोहरें और कच्चे मनके मिले हैं। ये वस्तुएं बताती हैं कि राखीगढ़ी न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध था, बल्कि व्यापार और शिल्प के क्षेत्र में भी उन्नत था।

66
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

राखीगढ़ी को आइकॉनिक और वैश्विक धरोहर स्थल का दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। पर्यटन बढ़ेगा, शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों की आवाजाही बढ़ेगी और हरियाणा का यह गांव दुनिया को भारत की प्राचीन सभ्यता की असली तस्वीर दिखाएगा।

राखीगढ़ी आज सिर्फ मिट्टी के टीलों का समूह नहीं, बल्कि यह प्रमाण है कि भारत की सभ्यता कितनी गहरी, समृद्ध और वैज्ञानिक सोच से भरी रही है—और अब यह विरासत पूरी दुनिया के सामने आने को तैयार है।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories