उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत अपनी नीतियों पर अडिग है। कॉन्क्लेव में फार्मा सेक्टर में 10 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू हुए, जिससे यूपी फार्मा निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत अपनी नीतियों पर अडिग है और किसी भी दबाव में झुकने वाला देश नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया, जिन्होंने टैरिफ रोलबैक करते हुए भारत के शुल्क कम किए और भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक सहयोगी के रूप में स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सत्य और आत्मविश्वास के मार्ग पर चल रहा है और इसका परिणाम है- ‘सत्यमेव जयते’। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहले भी सच था और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा।
Viksit Bharat Vision: वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत भूमिका
सीएम योगी ने कहा कि यह घटनाक्रम विकसित भारत और उभरते भारत की यात्रा का प्रमाण है। आज भारत एक जिम्मेदार, भरोसेमंद और निर्णायक वैश्विक साझेदार के रूप में उभर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारत की बढ़ती ताकत से कुछ शक्तियां असहज हैं, इसलिए देश को सतर्कता, विवेक और विश्वसनीय सहयोगियों के साथ आगे बढ़ना होगा।
2014 से पहले और आज का भारत: नीति में दृढ़ता, नेतृत्व में आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत को वैश्विक मंच पर गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज वही भारत अपनी स्पष्ट नीतियों और मजबूत नेतृत्व के बल पर वैश्विक शक्तियों को संवाद और सहयोग के लिए मजबूर कर रहा है। भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है और स्वयं अपने फैसलों का नियंता बन चुका है।
Land Bank Uttar Pradesh: 24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ सरकारी जमीन
भू-माफिया पर सख्त कार्रवाई से बना निवेश का आधार
सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के समय उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए जमीन मिलना लगभग असंभव था, क्योंकि सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं का कब्जा था। इसके समाधान के लिए सरकार ने भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर अवैध कब्जे खाली किए जाएं। चेतावनी दी गई कि तय समय के बाद कार्रवाई होने पर न केवल जमीन खाली कराई जाएगी, बल्कि अवैध कमाई की ब्याज सहित वसूली भी होगी। परिणामस्वरूप, 24 घंटे के भीतर 65,000 एकड़ सरकारी जमीन मुक्त कराई गई, जिससे एक मजबूत लैंड बैंक तैयार हुआ और उसी पर बड़े निवेश आकर्षित किए गए।
UP Pharma Investment: फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ से अधिक के MoU
Pharmaceutical Sector में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग
‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान राज्य के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी। इसमें से 5,525 करोड़ रुपये के 11 एमओयू का मंच पर औपचारिक आदान-प्रदान किया गया।
Major Pharma Investors in UP: निवेशकों की पूरी सूची
- अर्ना फार्मा: ₹1,250 करोड़
- बायोजेंटा लाइफ साइंसेज: ₹1,250 करोड़
- शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स: ₹737 करोड़
- वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज: ₹590 करोड़
- झानविका लैब्स: ₹553 करोड़
- कोरो हेल्थ: ₹418 करोड़
- मार्क लेबोरेटरीज: ₹300 करोड़
- हाई ग्लांस लैबोरेटरीज: ₹120 करोड़
- रासपा फार्मा: ₹107 करोड़
- रोमसंस मेडवर्ल्ड: ₹100 करोड़
- कोटक हेल्थकेयर: ₹100 करोड़
इन निवेशों से उत्तर प्रदेश फार्मा निवेश का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। इससे फार्मा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती, नवाचार को बढ़ावा और हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।


