बेंगलुरु पुलिस 4 महीने से एक लूट से बरामद 7 करोड़ कैश की पहरेदारी कर रही है। यह रकम स्टेशन में रखी है और इसकी सुरक्षा एक बड़ी ज़िम्मेदारी बन गई है। कोर्ट के आदेश के बाद इसे संबंधित लोगों को लौटाया जाएगा।

बेंगलुरु: एक केस की जांच से ज़्यादा बड़ी टेंशन पुलिस स्टेशन में रखे 7 करोड़ रुपये बन गए हैं। ये रुपये सिद्दापुर पुलिस स्टेशन में रखे हैं और पुलिस को इनकी हिफाज़त के लिए दिन-रात एक करना पड़ रहा है। मामला पिछले साल नवंबर का है, जब दिनदहाड़े ATM में कैश भरने वाली वैन से 7 करोड़ रुपये लूट लिए गए थे। इस केस में CMS कंपनी के पूर्व कर्मचारी जेवियर, गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल अण्णप्पा नाइक और CMS के 5 दूसरे कर्मचारियों समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपियों से पूरे 7 करोड़ रुपये भी बरामद कर लिए थे।

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4 महीने से थाने में रखी है रकम

पिछले 4 महीनों से ये भारी-भरकम रकम पुलिस स्टेशन में ही रखी है। पुलिसकर्मी बाज की नजर रखकर इसकी रखवाली कर रहे हैं। खासकर, रात की बीट पर निकलने वाले स्टाफ को बहुत ज़्यादा अलर्ट रहना पड़ रहा है।

रात में दरवाज़े बंद करने की अफवाह

ऐसी खबरें भी उड़ीं कि थाने में इतनी बड़ी रकम होने की वजह से रात में कुछ घंटों के लिए स्टेशन का दरवाज़ा बंद कर दिया जाता है। हालांकि, अधिकारियों ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि रात में थाने आने वाले किसी भी शख्स की पूरी जांच की जाती है। सिर्फ शिकायत दर्ज कराने वालों को ही अंदर आने दिया जाता है।

पुलिस ने कहा- 'पैसे की सुरक्षा हमारी ज़िम्मेदारी'

पुलिस अधिकारियों ने बताया, "पुलिस स्टेशन में केस से जुड़ी ज़ब्त की गई कई चीज़ें और कैश होता ही है। जब तक कोर्ट से आदेश नहीं आता, तब तक उसे सुरक्षित रखना हमारी ज़िम्मेदारी है। इसी तरह, डकैती केस में ज़ब्त किए गए इन पैसों को भी पूरी सुरक्षा में रखा गया है। इतनी बड़ी रकम होने से हमें कोई टेंशन नहीं है। जैसे ही कोर्ट का आदेश आएगा, ये पैसे संबंधित लोगों को सौंप दिए जाएंगे।"