
CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 6 दिनों से जमानत की प्रक्रिया में अलग-अलग बहाने बनाकर अड़चनें डाली जा रही हैं। कभी जमानतदार के वेरिफिकेशन तो कभी उसके खिलाफ FIR होने की बात कहकर कमियां निकाली जा रही हैं। रत्ना सिंह के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तय सुनवाई करीब 3 से 3:30 बजे शुरू हुई और लगभग एक घंटे तक चली। उन्होंने दावा किया कि सुनवाई के दौरान दूसरी तरफ से न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए कोई ठोस तर्क नहीं दिया गया। रत्ना सिंह ने इसे मानसिक प्रताड़ना और आवाज दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि CJP इस फैसले को चुनौती देगी और वे हर घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।