Russia Supports India UNSC Seat: UNGA में भारत का समर्थन, देखिए लावरोव ने क्या कहा?

Published : Sep 27, 2026, 08:36 AM IST
russia supports india permanent unsc seat lavrov un unga 2026

सार

UNGA 2026 में रूस ने UNSC की स्थायी सीट के लिए भारत और ब्राजील की दावेदारी का समर्थन किया। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जर्मनी-जापान पर भी तीखी टिप्पणी की। जानें UN Security Council Reform का पूरा अपडेट।

India Permanent UNSC Seat: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का मंच इस समय दुनिया भर की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। न्यूयॉर्क में चल रहे 81वें सत्र के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सीट की दावेदारी का पुरजोर समर्थन किया है। रूस का यह रुख ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने और पश्चिमी देशों के दबदबे को संतुलित करने की उसकी रणनीति का हिस्सा है।

रूस ने की भारत और ब्राजील की वकालत

अपने संबोधन में लावरोव ने दो टूक शब्दों में कहा कि वैश्विक शासन में सुधार बेहद जरूरी है। उन्होंने एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की जोरदार मांग की। रूस का साफ मानना है कि भारत और ब्राजील जैसे बड़े देशों को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी ही चाहिए। खास बात यह है कि केवल रूस ही नहीं, बल्कि मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने भी भारत की दावेदारी का समर्थन करते हुए वैश्विक मामलों में भारत की रचनात्मक भूमिका की सराहना की।

UNSC Reform: जर्मनी और जापान पर भड़का रूस, दी चेतावनी

एक तरफ जहां रूस ने भारत का समर्थन किया, वहीं उसने पश्चिमी देशों को यूएनएससी में और सीटें दिए जाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी भी दी। लावरोव ने जर्मनी और जापान का सीधे तौर पर नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये देश अब "सैन्यवाद और प्रतिशोध की राह" पर चल पड़े हैं। मॉस्को का यह भी कहना है कि सुरक्षा परिषद में सुधार चाहे जितने हों, लेकिन मौजूदा पांच स्थायी सदस्यों के वीटो पावर जैसे मुख्य विशेषाधिकारों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

India Permanent UNSC Seat: मॉरीशस ने भी दिया समर्थन

भारत को रूस के अलावा मॉरीशस से भी स्पष्ट समर्थन मिला। मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने UNGA में कहा कि उनका देश G4 और L69 के रुख का समर्थन करता है और UNSC में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी को दोहराता है। हाल के दिनों में भारत की दावेदारी को कई देशों का समर्थन मिला है। 22 सितंबर को V4 समूह के हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भी भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया था।

क्या भारत को आसानी से मिल जाएगी सीट?

भले ही रूस और मॉरीशस जैसे देश भारत के पक्ष में खुलकर बोल रहे हों, लेकिन संयुक्त राष्ट्र चार्टर में बदलाव की राह इतनी आसान नहीं है। इसके लिए जनरल असेंबली में दो-तिहाई बहुमत और सभी पांचों मौजूदा स्थायी सदस्यों की सहमति जरूरी होती है। जबकि रूस भारत का पक्का दोस्त है, वहीं भारत का दूसरा अहम पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार चीन इस दिशा में लगातार रोड़े अटकाता रहा है। इसके अलावा, पश्चिमी देशों का अंदरूनी विरोध भी इस सुधार प्रक्रिया को लंबे समय से अटकाए हुए है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

जांच समिति पर पक्षपात के आरोप, IIT Bombay छात्रों ने मांगा बाहरी पैनल, डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग
Election Commission: चुनाव आयोग की बैठक के बाद आया जवाब, SIR पर सफाई के बावजूद इन मुद्दों पर बना सस्पेंस